आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। जिले में बढ़ते यातायात दबाव, जाम और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए यातायात पुलिस ने नाबालिग चालकों एवं नियमों की अनदेखी कर संचालित किए जा रहे ई-रिक्शा के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। जल्द ही विशेष अभियान चलाकर बिना नंबर, फिटनेस फेल तथा नाबालिगों द्वारा संचालित ई-रिक्शा के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई की जाएगी।
जौनपुर जिले में वर्तमान समय में लगभग आठ हजार से अधिक ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में इनके संचालन के लिए 16 निर्धारित रूट बनाए गए हैं, लेकिन अधिकांश चालक यातायात नियमों की अनदेखी करते हुए मनमाने ढंग से वाहन चलाते हैं। इसका सीधा असर शहर की यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा है और कई स्थानों पर आए दिन जाम की समस्या उत्पन्न हो रही है।
यातायात विभाग के अनुसार बड़ी संख्या में ऐसे ई-रिक्शा भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं जिनकी फिटनेस अवधि समाप्त हो चुकी है। इसके अलावा कई नाबालिग किशोर भी ई-रिक्शा चलाते देखे जा रहे हैं, जो न केवल मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन है बल्कि यात्रियों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है।
यातायात निरीक्षक मनोज पांडेय ने बताया कि विभाग द्वारा पूर्व में कई बार जागरूकता अभियान चलाकर चालकों को नियमों का पालन करने की चेतावनी दी जा चुकी है, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। ऐसे में अब सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई नाबालिग ई-रिक्शा चलाते हुए पाया गया तो उसका वाहन तत्काल जब्त कर लिया जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि बिना नंबर प्लेट वाले ई-रिक्शा दुर्घटना की स्थिति में जांच के लिए बड़ी चुनौती बन जाते हैं, क्योंकि उनकी पहचान करना मुश्किल होता है। इसी कारण ऐसे वाहनों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर उन्हें भी जब्त किया जाएगा।
यातायात पुलिस के इस अभियान में एआरटीओ प्रशासन का भी सहयोग लिया जाएगा। संयुक्त टीम द्वारा शहर और प्रमुख बाजारों में अभियान चलाकर फिटनेस, पंजीकरण, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
यातायात विभाग का कहना है कि सड़क सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना, दुर्घटनाओं में कमी लाना तथा आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
