देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। कसारी रामगढ़ स्थित भिखारी बाबा आश्रम परिसर में चल रहे विराट रुद्र महायज्ञ के पांचवें दिन मंगलवार को भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिकता का अनूठा संगम देखने को मिला। राष्ट्रीय बाल कलाकारों ने भजन संध्या में अपनी प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, वहीं वृंदावन से आई बाल कथा वाचिका धानी शास्त्री ने श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे राष्ट्रीय बाल कलाकारों ने अपने माता-पिता के साथ यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर भिखारी बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा शिव मंदिर में रुद्राभिषेक पूजन किया। इसके बाद आयोजित भजन संध्या में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर श्रद्धालुओं की खूब वाहवाही बटोरी। महायज्ञ के आयोजक भिक्षुक भिखारी जंगली दास दीनबंधु रमाशंकर गिरी महाराज ने बताया कि आचार्य गोपालधर द्विवेदी, राजेश कुमार पाठक, हरिओम द्विवेदी एवं अमरेश तिवारी के निर्देशन में वैदिक विधि-विधान से यज्ञ एवं पूजन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति रक्षा के उद्देश्य से 251 दुर्लभ जड़ी-बूटियों से निर्मित विशेष हवन सामग्री से प्रतिदिन आहुति दी जा रही है। यज्ञ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर हर-हर महादेव के जयकारे लगाए, जिससे पूरा आश्रम परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। प्रतिदिन की भांति विशाल भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। वाराणसी से पहुंचे मनीष कुमार ने बताया कि उनके तीनों बच्चेकृश्री राम कृष्ण, श्री राधा कृष्ण और श्री राधे कृष्ण राष्ट्रीय स्तर के बाल कलाकार हैं, जिन्हें विभिन्न मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में अयोध्या के नंदीग्राम महोत्सव में भी बच्चों ने अपनी प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया था। भजन संध्या में श्री राम कृष्ण ने हारमोनियम पर भजन, गीत और गजल प्रस्तुत कर श्रोताओं का मन मोह लिया, जबकि श्री राधा कृष्ण एवं श्री राधे कृष्ण ने लव-कुश लीला का प्रभावशाली मंचन कर तालियां बटोरीं। वहीं वृंदावन से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत रासलीला देखने के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही। इस अवसर पर नरेश चंद्र उमर वैश्य, रूपा गुप्ता, विजय सिंह, इंद्रवीर, केवलानंद महाराज, हरिनंद, देवेंद्र कुमार, दिनेश, उषा देवी, चिंता मौर्य, उर्मिला देवी, कलावती देवी, दाऊदयाल, राजेश, शुभराम महाराज, राजेंद्र महाराज, रामखेलावन, प्रहलाद, मुन्ना बाबा, परमानंद, रमेश कुमार, शशि देवी, किरन मोदनवाल, संगीता, विमला देवी, कालो देवी, हीरा सिंह, डॉ. विजय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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