देवल संवाददाता, आजमगढ़। जिले की उत्तरी सीमा पर बहने वाली सरयू (घाघरा) नदी हर वर्ष बरसात के मौसम में तटीय क्षेत्रों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है। बाढ़ और कटान से बचाव के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ सगड़ी तहसील के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर तैयारियों और चल रहे कार्यों का जायजा लिया।
जिलाधिकारी सबसे पहले देवारा खास राजा और गांगेपुर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने सरयू नदी के किनारे कटान से बचाव के लिए सिंचाई विभाग द्वारा कराए जा रहे कार्यों का निरीक्षण किया। देवारा खास राजा में चल रहे विशेष कटानरोधी अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और बाढ़ से बचाव के संबंध में सुझाव भी लिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को लेकर पूरी तरह सतर्क है और सभी विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि पूरे देवारा क्षेत्र के 134 गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं, जिनमें 78 गांव आबाद हैं। इन गांवों की सुरक्षा के लिए बाढ़ पूर्व तैयारियां तेजी से कराई जा रही हैं। उन्होंने सिंचाई विभाग को संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने तथा कटानरोधी कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
इसके बाद जिलाधिकारी देवारा खास राजा के मौजा बगहवा पहुंचे, जहां उन्होंने ग्रामीणों के बीच खटिया पर बैठकर बच्चों और बुजुर्गों से बातचीत की। उन्होंने बच्चों सृष्टि और आदित्य से उनकी पढ़ाई और सरकारी योजनाओं के लाभ के बारे में जानकारी ली। साथ ही ग्रामीणों से विभिन्न सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
ग्रामीणों से बातचीत के दौरान बुजुर्ग महिलाओं गुलैची और दुर्गावती ने वृद्धावस्था पेंशन नहीं मिलने की शिकायत की। इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को दोनों महिलाओं को वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी कर ली जाएं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
