देवल संवाददाता, मऊ।जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में कर एवं करेत्तर राजस्व तथा आईजीआरएस प्रकरणों की जनपदीय मासिक समीक्षा बैठक जिलाधिकारी कैंप कार्यालय में सम्पन्न हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की माह मई 2026 की राजस्व प्राप्तियों एवं शिकायत निस्तारण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।समीक्षा के दौरान व्यापार कर की प्रगति 51.30 प्रतिशत, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन 80.15 प्रतिशत, परिवहन कर 95.88 प्रतिशत, आबकारी 87.39 प्रतिशत, वन विभाग 76.59 प्रतिशत,खनन 78.47 प्रतिशत,भू-राजस्व 17.63 प्रतिशत,विद्युत देय 53.43 प्रतिशत,बैंक देय 113.52 प्रतिशत,चिकित्सा एवं लोक स्वास्थ्य 8.73 प्रतिशत,सड़क एवं पुल 19.44 प्रतिशत तथा स्थानीय निकायों की प्रगति 91.38 प्रतिशत पाई गई। इस प्रकार माह मई की कुल प्रगति 72.18 प्रतिशत रही।
जिलाधिकारी ने व्यापार कर एवं अन्य कम प्रगति वाले विभागों को अपने राजस्व संग्रह में अपेक्षित सुधार लाने के निर्देश दिए। खनन विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों को जनपद के सभी ईंट-भट्टों का सघन निरीक्षण करने तथा अवैध खनन के मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग को लक्ष्य के अनुरूप प्रगति सुनिश्चित करने तथा लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति न होने के कारणों से अवगत कराने हेतु सहायक महानिरीक्षक निबंधन को निर्देशित किया गया।बैठक में विद्युत विभाग की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा स्वयं शिकायतकर्ताओं से संवाद स्थापित कर उनकी संतुष्टि प्राप्त की जाए। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों से कहा कि शिकायतकर्ताओं से सीधे संपर्क कर समस्याओं का समाधान करें तथा संतोषजनक फीडबैक प्राप्त करना सुनिश्चित करे।आईजीआरएस एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने डी श्रेणी में आने वाले विभागों को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देशित किया कि आगामी समीक्षा तक ए श्रेणी प्राप्त करने हेतु सभी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण कर जनपद की रैंकिंग में सुधार लाना सभी अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सी एवं डी श्रेणी में आने वाले विभागों की लापरवाही किसी भी दशा में स्वीकार नहीं की जाएगी। यदि कोई अधिकारी अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतता पाया गया तो उसके विरुद्ध शासन स्तर पर पत्राचार कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।समीक्षा के दौरान आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों का समय से निस्तारण न किए जाने के कारण 57 अधिकारियों का वेतन अवरुद्ध किए जाने के निर्देश जिलाधिकारी द्वारा दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस एवं सीएम हेल्पलाइन पोर्टल की रिपोर्ट से यह स्पष्ट है कि कई विभागों में असंतुष्ट फीडबैक का प्रतिशत अधिक है,जो शासन की मंशा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि 15 जून 2026 तक संतुष्टि का प्रतिशत 90 प्रतिशत से अधिक करते हुए असंतुष्ट आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें तथा अपना स्पष्टीकरण जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार,मुख्य राजस्व अधिकारी दिनेश,समस्त उप जिलाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
