देवल संवाददाता, मऊ। जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन की अध्यक्षता में एनकॉर्ड (NCORD) जिला स्तरीय समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में कल देर शाम सम्पन्न हुई। बैठक का उद्देश्य जनपद में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार,नशे के दुष्प्रभावों तथा नशा मुक्ति संबंधी गतिविधियों की समीक्षा करते हुए विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करना था।बैठक के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार ने बताया कि 100 शैय्या युक्त संयुक्त चिकित्सालय लाड़पुर टड़ियाव, घोसी सहित जनपद के समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षकों को नशे के सेवन एवं उससे होने वाले दुष्परिणामों के प्रति आमजन को जागरूक करने हेतु सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर एवं बैनर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से लोगों को नशे से होने वाली शारीरिक,मानसिक एवं सामाजिक हानियों की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।बैठक में प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी को निर्देशित किया गया कि जनपद के सभी क्षेत्रीय वन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने हेतु निर्देशित करें। यदि कहीं भी अवैध रूप से अफीम,गांजा अथवा अन्य नशीली फसलों की खेती की जा रही हो तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध कराई जाए, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। साथ ही पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण एवं जैव विविधता से संबंधित जागरूकता कार्यक्रमों में उपस्थित जनसमुदाय को नशीले पदार्थों से होने वाली हानियों के प्रति भी जागरूक किया जाए तथा किसानों को वैध एवं अवैध फसलों के संबंध में जानकारी प्रदान की जाए।जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देशित किया गया कि जनपद में बालवाड़ी एवं निर्बल सेवा नारी कला केंद्र समिति,डंगौली द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्र के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए सहायक विकास अधिकारी (समाज कल्याण),ग्राम विकास अधिकारी तथा समाज कल्याण विभाग के पर्यवेक्षकों के माध्यम से विकास खंड एवं तहसील स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं।जिला औषधि निरीक्षक,खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग को निर्देश दिए गए कि नशीली एवं नियंत्रित दवाओं की बिक्री केवल पंजीकृत चिकित्सक के वैध पर्चे पर ही सुनिश्चित की जाए तथा उनके क्रय-विक्रय का पूरा विवरण निर्धारित रजिस्टर में अंकित किया जाए। साथ ही 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को ऐसी दवाएं किसी भी स्थिति में उपलब्ध न कराई जाएं। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि ड्रग एसोसिएशन के माध्यम से जागरूकता सेमिनार आयोजित कर मेडिकल स्टोर संचालकों को नशीली दवाओं के क्रय-विक्रय,भंडारण एवं रखरखाव संबंधी नियमों की जानकारी दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि एनकॉर्ड की जिला स्तरीय टीम द्वारा समय-समय पर औचक निरीक्षण एवं छापामार कार्रवाई की जाए।बैठक में जिलाधिकारी ने जिला कृषि अधिकारी को निर्देशित किया कि सभी विकास खंडों में यह सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी अवैध रूप से नशीले पौधों की खेती न की जा रही हो। यदि ऐसी कोई खेती पाई जाती है तो तत्काल उसे नष्ट कराने की कार्रवाई की जाए तथा संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।जिला आबकारी अधिकारी को निर्देशित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद की समस्त सरकारी एवं गैर सरकारी मदिरा दुकानों पर कार्यशील सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि 18 वर्ष से कम आयु के किसी भी व्यक्ति को शराब की बिक्री न की जाए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने कहा कि विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में नशा मुक्त वातावरण बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। यदि किसी विद्यालय में अध्यापक अथवा अन्य कर्मचारी नशे से संबंधित सामग्री का उपयोग अथवा भंडारण करते पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनपद को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों के अवैध उत्पादन,भंडारण एवं बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ जनजागरूकता कार्यक्रमों को भी व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए,जिससे समाज में नशे के प्रति जागरूकता बढ़े और युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रखा जा सके।बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार,समस्त थाना प्रभारी, संबंधित विभागों के अधिकारी एवं अन्य उपस्थित अधिकारीगण मौजूद रहे।
