देवल संवाददाता, आजमगढ़। साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। लगभग सात लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले का खुलासा करते हुए थाना साइबर क्राइम की टीम ने अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी की भूमिका साइबर ठगी से प्राप्त रकम को फर्जी खातों और क्रेडिट कार्डों के माध्यम से नकदी में बदलकर गिरोह तक पहुंचाने की थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात एवं नोडल अधिकारी साइबर क्राइम पंकज कुमार के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम आस्था जायसवाल के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार दीदारगंज थाना क्षेत्र के चितारा महमूदपुर गांव निवासी डॉ. शफी उज्जमां के यूनियन बैंक ऑफ इंडिया खाते से 5,98,749 रुपये तथा केनरा बैंक खाते से 99,870 रुपये, कुल 6,98,619 रुपये उनकी जानकारी के बिना निकाल लिए गए थे। मोबाइल पर खाते से रकम निकासी का संदेश मिलने के बाद उन्होंने तत्काल बैंक और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना साइबर क्राइम में धारा 318(4) बीएनएस एवं 66D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध मोबाइल नंबर के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले। तकनीकी जांच और लोकेशन ट्रेसिंग के आधार पर साइबर क्राइम टीम कुशीनगर जनपद के कसया थाना क्षेत्र स्थित होटल बुद्धा पहुंची, जहां संदिग्ध की पहचान जितेन्द्र प्रसाद यादव के रूप में हुई।
पुलिस ने उसे पूछताछ के लिए आजमगढ़ लाकर विस्तृत पूछताछ की। जांच के दौरान उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर 1 जून 2026 को उसे विधिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी एक संगठित साइबर अपराध गिरोह का सक्रिय सदस्य है। गिरोह का एक सदस्य फर्जी बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराता था, जबकि दूसरा सदस्य साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि इन खातों में ट्रांसफर करवाता था। गिरफ्तार आरोपी जितेन्द्र प्रसाद यादव की जिम्मेदारी इन खातों और कार्डों में आई रकम को नकदी में बदलने की थी।
इसके लिए वह पेट्रोल पंप, जनसेवा केंद्र और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर क्रेडिट कार्ड अथवा यूपीआई के माध्यम से भुगतान करता था और बदले में नकद धनराशि प्राप्त करता था। बाद में इस रकम को गिरोह के सदस्यों के बीच बांट दिया जाता था। पुलिस का मानना है कि आरोपी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान जितेन्द्र प्रसाद यादव पुत्र बुनी यादव निवासी ग्राम रामसिरिया, थाना मलाही, जनपद पूर्वी चम्पारण (बिहार) के रूप में हुई है। उसकी उम्र लगभग 26 वर्ष बताई गई है।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन, 1,460 रुपये नकद, दो एटीएम कार्ड, निर्वाचन पहचान पत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड तथा एक स्विफ्ट कार बरामद की है। बरामद कार को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया गया है।
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में महिला निरीक्षक विभा पाण्डेय, उपनिरीक्षक रजत सिंह, कांस्टेबल संजय कुमार, सभाजीत मौर्य, एजाज खान और महिपाल यादव शामिल रहे।
साइबर क्राइम थाना पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि बैंक खातों, एटीएम, ओटीपी, यूपीआई पिन तथा अन्य गोपनीय जानकारियां किसी के साथ साझा न करें और साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।
