आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। चर्चित अजय सिंह हत्याकांड को लेकर उपजे तनाव और आक्रोश के बीच शुक्रवार को मृतक का अंतिम संस्कार संपन्न कराया गया। हत्या के बाद से न्याय और आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर परिजन शव का अंतिम संस्कार करने से इंकार कर रहे थे। लगभग 48 घंटे तक चले गतिरोध के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ।
जानकारी के अनुसार 10 जून की रात पुरानी रंजिश को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। आरोप है कि कई लोगों ने मिलकर अजय सिंह पर लाठी-डंडों एवं धारदार हथियारों से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल अजय सिंह को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बन गई और मृतक के समर्थकों तथा परिजनों में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया।
मृत्यु के बाद परिजनों ने आरोपितों की तत्काल गिरफ्तारी और कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए अंतिम संस्कार से इंकार कर दिया। परिवार का कहना था कि जब तक दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होगी, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इसके चलते गांव में लगातार लोगों की भीड़ जुटी रही और माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
गुरुवार को पूर्व गृह राज्यमंत्री एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी कृपाशंकर सिंह मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और परिजनों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता कर मामले में निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
काफी देर तक चली बातचीत और प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था के बीच अजय सिंह के शव का अंतिम संस्कार कराया गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और क्षेत्रीय लोग शामिल हुए।
हत्याकांड को लेकर गांव में अभी भी लोगों में आक्रोश बना हुआ है। एहतियात के तौर पर क्षेत्र में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपितों के विरुद्ध आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की है।
