देवल संवाददाता, आजमगढ़। भारतीय मजदूर संघ की जिला कार्यसमिति ने गुरुवार को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को संबोधित 20 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों, श्रमिकों एवं असंगठित क्षेत्र के कामगारों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की। संगठन ने कहा कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी उपेक्षा के कारण मजदूर एवं कर्मचारी वर्ग गंभीर परेशानियों का सामना कर रहा है। ज्ञापन में कहा गया है कि आशा, आशा संगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मियों को निर्धारित मानदेय और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। वहीं सफाई कर्मचारियों से बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के कार्य कराया जा रहा है। एनएचएम कर्मियों को बीमा लाभ, वेतन विसंगति और स्थानांतरण जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 108 एवं 102 एंबुलेंस सेवाओं से जुड़े बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली की भी मांग उठाई गई। भारतीय मजदूर संघ ने आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों को 1 जनवरी 2026 से लागू करने, न्यूनतम वेतनमान 72 हजार रुपये निर्धारित करने, आशा और आंगनबाड़ी कर्मियों के मानदेय में वृद्धि करने, संविदा कर्मियों की नियमावली बनाने, पुरानी पेंशन योजना बहाल करने तथा सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती शुरू करने की मांग की। इसके अलावा पटरी-रेहड़ी दुकानदारों, ई-रिक्शा एवं ऑटो चालकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा देने, जिला सहकारी बैंकों के लंबित वेतनमान पुनरीक्षण, मिड-डे मील कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि तथा पत्रकारों को सुरक्षा बीमा और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। संगठन ने उम्मीद जताई कि सरकार कर्मचारियों, श्रमिकों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों से जुड़ी इन ज्वलंत समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करेगी।
भारतीय मजदूर संघ ने मुख्यमंत्री को भेजा 20 सूत्रीय मांग पत्र, जल्द फैसले की मांग
जून 18, 2026
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