आपदा प्रबंधन को लेकर जिलाधिकारी ने संसाधनों एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा की
कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला, अपर जिलाधिकारी न्यायिक रंजीत सिंह, प्रशिक्षु आईएएस थनीगईयरसन टी की उपस्थिति में जनपद में संभावित बाढ़ एवं आगामी मानसून के दृष्टिगत की जा रही तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा की गई तैयारियों, संसाधनों की उपलब्धता तथा संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव व्यवस्था के संबंध में अवगत कराया गया।
बैठक के दौरान अपर जिलाधिकारी न्यायिक ने जनपद में बाढ़ की संभावित स्थिति तथा तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में घाघरा (सरयू) एवं तमसा नदियों तथा टांडा क्षेत्र के थिरुआ नाले से बाढ़ की संभावना रहती है। जनपद के टांडा एवं आलापुर तहसील के कुल 34 ग्राम बाढ़ प्रभावित श्रेणी में चिन्हित हैं। बाढ़ से निपटने हेतु दोनों तहसीलों में कुल 14 बाढ़ चौकियां/बाढ़ शरणालय, 31 गोताखोर, 40 नावें, 90 नाविक तथा 13 बाढ़ राहत शिविर एवं पशु राहत शिविर चिन्हित किए गए हैं।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि बाढ़ नियंत्रण कक्ष पूर्ण रूप से सक्रिय रहे तथा राहत एवं बचाव कार्यों से जुड़े सभी विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर अपनी तैयारियां समय से पूर्ण करें। उन्होंने सभी नविको का जनपद स्तर पर भी मोबाइल नंबर सहित अन्य विवरण रखने तथा सभी नाविकों का एफडीआरएफ के माध्यम से आगामी 20 जून तक प्रशिक्षण दिलाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने चिन्हित नावों की आवश्यकतानुसार मरम्मत कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद के ऐसे समस्त घाट जहां श्रद्धालु स्नान करते हैं वहां पर बांस की डबल लेयर बैरिकेटिंग कराए जाने के निर्देश दिए। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को बाढ़ संभावित क्षेत्रों में शत प्रतिशत पशुओं का टीकाकरण शीघ्र पूर्ण कराए जाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी ने बताया कि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं प्रभावी बचाव कार्य सुनिश्चित किया जाए। बैठक में बताया गया कि जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 05271-244250 एवं 05271-244550 तथा आपदा हेल्पलाइन नंबर 1077 सक्रिय हैं।
जिलाधिकारी ने जल निगम, स्वास्थ्य, पशुपालन, विद्युत, नगर निकाय, सिंचाई, लोक निर्माण, शिक्षा, आपूर्ति एवं पंचायती राज विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को अपने-अपने दायित्वों के अनुरूप आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों में खाद्यान्न, पेयजल, दवाइयों, पशुचारे तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए।
बैठक में नगर निकायों को नालों की सफाई एवं जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने, जलभराव की स्थिति में पम्पिंग सेट के माध्यम से त्वरित जल निकासी सुनिश्चित करने तथा संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग एवं संबंधित एजेंसियों को बाढ़ के दौरान बाधित होने वाले संपर्क मार्गों के वैकल्पिक मार्गों का चिन्हांकन, क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुलों की मरम्मत तथा आवागमन सुचारु रखने हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त दवाओं की उपलब्धता, संक्रामक रोगों की रोकथाम, टीकाकरण एवं मेडिकल टीमों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही गर्भवती महिलाओं, वृद्धजनों, दिव्यांगजनों एवं बच्चों की विशेष देखभाल हेतु पूर्व तैयारी करने को कहा गया। पशुपालन विभाग को पशुओं के लिए चारा, दवाइयों एवं पशु चिकित्सा सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि बाढ़ की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों हेतु सरकारी एवं निजी नावों का उपयोग किया जाएगा तथा गोताखोरों एवं नाविकों की सूची अद्यतन कर ली गई है। जिलाधिकारी ने बाढ़ कार्य खंड द्वारा कटान प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा सामग्री, बोल्डर, जियोट्यूब, वायरक्रेट तथा अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को बाढ़ संभावित क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त विद्युत पोल एवं तारों की समय रहते मरम्मत कराने, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थलों पर अस्थायी विद्यालय संचालित करने तथा पंचायती राज विभाग को बाढ़ राहत शिविरों में स्वच्छता एवं अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने कहा कि जनपद प्रशासन बाढ़ एवं मानसून से उत्पन्न होने वाली किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूर्णतः तैयार है। सभी विभाग समन्वित प्रयासों के साथ कार्य करें तथा जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाएं।
