देवल संवाददाता, आजमगढ़। वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और सोने के बढ़ते आयात को देखते हुए आजमगढ़ के सराफा व्यापारियों ने बड़ा निर्णय लिया है। अब जनपद में सराफा कारोबारी ग्राहकों को ठोस सोना यानी बुलियन, सोने-चांदी की ईंट या बिस्कुट की बिक्री नहीं करेंगे। कारोबारियों ने प्रशासन की अपील पर राष्ट्रहित में यह कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में बुलियन एवं सराफा एसोसिएशन के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गंभीर सिंह, राज्य कर विभाग के अधिकारी तथा पुलिस प्रशासन के प्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि भारत दुनिया के सबसे बड़े स्वर्ण आयातक देशों में शामिल है और बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा सोने के आयात पर खर्च होती है। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध और वैश्विक अस्थिरता के कारण डॉलर की मांग बढ़ी है, जिससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सोने की कीमतों में लगातार वृद्धि से आम उपभोक्ताओं पर भी आर्थिक बोझ बढ़ रहा है। ऐसे में यदि बुलियन की अनावश्यक खरीद-बिक्री को सीमित किया जाए तो सोने के आयात में कमी आएगी और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बैठक में मौजूद सराफा व्यापारियों और एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने प्रशासन की अपील का समर्थन करते हुए कहा कि जनपद में अधिकांश कारोबार सोने-चांदी के आभूषणों की खरीद-बिक्री पर आधारित है। बड़ी संख्या में ग्राहक पुरानी ज्वैलरी के बदले नई ज्वैलरी खरीदते हैं, इसलिए आभूषण कारोबार सामान्य रूप से चलता रहेगा।
व्यापारियों ने भरोसा दिलाया कि वर्तमान वैश्विक आर्थिक संकट को देखते हुए स्थानीय स्तर पर सामान्य परिस्थितियों में बुलियन का क्रय-विक्रय नहीं किया जाएगा।
बैठक में सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष आशीष गोयल, उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल, महामंत्री दिलीप अंगुरिया, अनिल शुक्ला, दिवाकर सेठ, पवन अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में सराफा व्यापारी उपस्थित रहे।
