देवल संवाददाता, मऊ।मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में आगामी मानसून के दृष्टिगत बाढ़ संभावित क्षेत्रों के प्रभावी अनुश्रवण एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा हेतु जनपदीय स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक संपन्न हुई। बैठक में बाढ़ बचाव की तैयारियों,संवेदनशील तटबंधों की मरम्मत और राहत कार्यों के लिए विभागवार जिम्मेदारियां तय की गईं।
मुख्य विकास अधिकारी ने सिंचाई विभाग के अभियंताओं को निर्देशित किया कि बाढ़ आने से पूर्व सभी संवेदनशील और अति-संवेदनशील तटबंधों का निरीक्षण कर मरम्मत कार्य तत्काल पूर्ण कर लिया जाए। इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।जनपद के सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर राहत केंद्रों के चिन्हांकन और वहां बुनियादी सुविधाओं पेयजल,शौचालय,प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि वे पर्याप्त मात्रा में,एंटी-वेनम,ओआरएस और संक्रामक रोगों से बचाव की दवाओं का स्टॉक रखें। साथ ही,पूर्ति विभाग को खाद्यान्न पैकेटों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पशुओं के लिए चारे और टीकाकरण की अग्रिम व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए ताकि विस्थापन की स्थिति में पशुओं को समस्या न हो।बाढ़ की सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान हेतु जनपद स्तर पर एक बाढ़ नियंत्रण कक्ष को क्रियाशील करने का आदेश दिया गया,जो 24 घंटे कार्यरत रहेगा।बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि आपदा प्रबंधन में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने स्थानीय नाविकों की सूची अपडेट करने और गोताखोरों को अलर्ट मोड पर रखने पर विशेष बल दिया।हमारा प्राथमिक उद्देश्य जन-धन की हानि को शून्य करना है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और जमीनी स्तर पर तैयारियों को पुख्ता करें।बैठक में उपजिलाधिकारी,सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता,मुख्य चिकित्साधिकारी,जिला विकास अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभागों के जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
