देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। विश्व अस्थमा दिवस के अवसर पर मंगलवार को सांई हॉस्पिटल परिसर में एक जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान चिकित्सकों ने अस्थमा रोग के कारण, लक्षण और बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। अस्पताल की डायरेक्टर डॉ. अनुपमा सिंह ने बताया कि अस्थमा फेफड़ों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। श्वास नलियों में सूजन होने पर सांस लेने में कठिनाई होती है। उन्होंने कहा कि धूल, धुआं, पराग कण, ठंडी हवा और प्रदूषण इसके प्रमुख कारण हैं। समय पर इलाज, नियमित दवा और इनहेलर के सही उपयोग से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने मरीजों को सलाह दी कि धूल-मिट्टी वाले स्थानों पर मास्क का उपयोग करें, धूम्रपान से दूर रहें और बिना डॉक्टर की सलाह के दवा बंद न करें। साथ ही सर्दी-जुकाम होने पर तुरंत उपचार कराने की भी सलाह दी, क्योंकि इससे अस्थमा का अटैक बढ़ सकता है। गोष्ठी के दौरान मरीजों की निशुल्क जांच की गई तथा उन्हें इनहेलर के सही उपयोग की विधि भी बताई गई। अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि अस्थमा को लेकर समाज में कई भ्रांतियां फैली हुई हैं, जिन्हें दूर करना आवश्यक है। यह छूआछूत की बीमारी नहीं है और उचित इलाज से मरीज सामान्य जीवन जी सकता है। कार्यक्रम में डॉ. बी. सिंह, डॉ. रोजी, डॉ. दिब्यां, डॉ. अनीश सहित अस्पताल के अन्य चिकित्सक, संध्या, रेखा, जूही, प्रियांशी, राजन सोनी, बीपी सिंह, स्टाफ एवं बड़ी संख्या में मरीज व उनके परिजन उपस्थित रहे।
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