देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। नगर क्षेत्र में फ्लाईओवर के नीचे वर्षों से अपनी जीविका चला रहे गरीब रेहड़ी-पटरी और छोटे दुकानदारों को हटाने की कार्रवाई को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन ने गहरी चिंता जताई है। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए गरीब दुकानदारों को हटाना न्यायसंगत नहीं होगा।
मंगलवार को संगठन के जिला अध्यक्ष कौशल शर्मा ने अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) रमेश सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि फ्लाईओवर के नीचे दुकान लगाने वाले अधिकांश लोग आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं और यही उनका एकमात्र रोजगार का साधन है। अचानक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से सैकड़ों परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि कई दुकानदार बैंक से ऋण लेकर अपना कारोबार चला रहे हैं। यदि अचानक उनका व्यवसाय बंद हो जाता है तो न केवल उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ेगी बल्कि उनका सिविल स्कोर भी खराब होगा और परिवार के समक्ष भुखमरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। कौशल शर्मा ने प्रशासन का ध्यान केंद्र एवं राज्य सरकार की स्ट्रीट वेंडर नीति की ओर आकृष्ट कराते हुए कहा कि पहले नगर में व्यवस्थित वेंडिंग जोन स्थापित किया जाए, गरीब दुकानदारों का सर्वे कराया जाए तथा उन्हें वैध स्थान आवंटित किया जाए। इसके बाद ही किसी प्रकार की हटाने की कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने कहा कि गरीबों को उजाड़ना किसी समस्या का समाधान नहीं है। प्रशासन को मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पहले पुनर्वास, फिर हटाओ की नीति लागू करनी चाहिए, ताकि विकास कार्यों के साथ गरीब परिवारों की आजीविका भी सुरक्षित रह सके। व्यापार संगठन ने यह भी मांग की कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में किसी प्रकार का भेदभाव न किया जाए, चाहे व्यक्ति कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। चेतावनी देते हुए कहा गया कि यदि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के दुकानों को हटाया गया तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होगा। ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से चंदन चौरसिया, राकेश प्रसाद, दिलीप कुमार, अजय कुमार, दयाराम सोनकर, राजा सोनकर, अनिल सोनकर, सुरेश, राजेश कुमार, विजेंद्र, तेजू, अजय कुमार शर्मा, रामजी केसरी, काशी प्रसाद, आफताब आलम समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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