आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। शहर की यातायात व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। ट्रैफिक पुलिस की लापरवाही के चलते जौनपुर की सड़कों पर रोजाना जाम का झाम आम हो गया है। हालात यह हैं कि राज कॉलेज चौकी से चंद कदम की दूरी पर ही सड़क किनारे कपड़ों की दुकानों पर आने वाले ग्राहक अपने दोपहिया वाहन सीधे रोड पर खड़ा कर खरीदारी में जुट जाते हैं, और ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है।
दिनभर इस इलाके में ऐसा नजारा देखने को मिलता है मानो सड़क नहीं, बल्कि पार्किंग स्टैंड हो। बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण राहगीरों और अन्य वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जाम इतना भयंकर हो जाता है कि कई बार एंबुलेंस तक फंस जाती है, जिससे हालात और भी गंभीर हो जाते हैं।
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह सब कुछ ट्रैफिक पुलिस चौकी के बिल्कुल नजदीक हो रहा है, लेकिन जिम्मेदारों की नजर इस ओर जाती ही नहीं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जहां एक तरफ मामूली वजहों पर ट्रैफिक पुलिस हजारों रुपए का चालान काटने में जरा भी देर नहीं करती, वहीं खुलेआम सड़क पर खड़े वाहनों से लगने वाले जाम को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया जाता है।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर यह दोहरा रवैया क्यों? क्या ट्रैफिक नियम सिर्फ चालान वसूली तक ही सीमित रह गए हैं? अगर सड़क पर खड़े वाहनों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाए, तो काफी हद तक जाम की समस्या से निजात मिल सकती है।
स्थानीय नागरिकों में इसको लेकर गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि ट्रैफिक पुलिस को सिर्फ चालान काटने के बजाय व्यवस्था सुधारने पर ध्यान देना चाहिए, वरना आने वाले समय में हालात और भी बदतर हो सकते हैं।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कब तक चुप्पी साधे रहते हैं और कब जौनपुर की जनता को जाम की इस समस्या से राहत मिलती है।
