आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। महिला जन आक्रोश कार्यक्रम के तहत सोमवार को भाजपा महिला मोर्चा की ओर से जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान महिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन में आवाज बुलंद करते हुए विपक्षी दलों पर महिला आरक्षण का विरोध करने का आरोप लगाया। कार्यक्रम में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और अधिकारों को लेकर जोरदार नारेबाजी भी की गई।
धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाजपा महिला मोर्चा की जिला मंत्री अंशु कुशवाहा ने कहा कि देश की नारी शक्ति ने हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित की है, लेकिन जब संसद और विधानसभा में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की बात आती है तो विपक्षी दल विरोध करने लगते हैं। उन्होंने कहा कि अब महिलाएं केवल घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि देश की नीतियां तय करने में भी अहम भूमिका निभाएंगी।
उन्होंने कहा, “अब सहा नहीं जाएगा, अब चुप रहा नहीं जाएगा। हक हमारा दे दो हमको, वरना जंग जारी है।” उनके इस बयान पर मौजूद महिलाओं ने जोरदार समर्थन जताया।
महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष रागिनी सिंह ने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल महिलाओं के अधिकारों को लेकर केवल राजनीति कर रहे हैं और उनके सशक्तिकरण में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं।
जिला उपाध्यक्ष राखी सिंह ने कहा कि विपक्ष महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी से घबराया हुआ है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों का विरोध करना देश की आधी आबादी के सपनों का विरोध है। उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा, “नारी का अधिकार जो छीनेगा, वो सत्ता से हाथ धोएगा।”
कार्यक्रम में टीडी कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अंजना सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आज महिलाएं अपने अधिकारों और सम्मान को लेकर पूरी तरह जागरूक हो चुकी हैं और उन्हें अब आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की लड़ाई आगे भी मजबूती से जारी रहेगी।
धरना-प्रदर्शन में मैनिका सिंह, शशि मौर्य, विमला श्रीवास्तव, किरन मिश्रा, प्रीति गुप्ता, सारिका सोनी, वंदना सिंह, मिलन श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहीं।
