देवल संवाददाता, आजमगढ़। पंचायत निर्वाचन की मतदाता सूची में फर्जीवाड़ा और कूटरचना के मामले में थाना जीयनपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित ग्राम प्रधान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पर फर्जी पाण्डुलिपि और कूटरचित हस्ताक्षर के माध्यम से मतदाता सूची में अवैध हेरफेर कराने का आरोप है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी अभियान के तहत जीयनपुर पुलिस को यह सफलता मिली। मामले में तहसील सगड़ी में तैनात राजस्व निरीक्षक ने थाना जीयनपुर में तहरीर देकर बताया था कि त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के दौरान विकास खंड अजमतगढ़ की मतदाता पाण्डुलिपियों की जांच में ग्राम अंजान शहीद वार्ड संख्या 10 से 15 तक की फर्जी पाण्डुलिपि पाई गई थी।
जांच में सामने आया कि मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने से जुड़े अभिलेखों पर बीएलओ, सुपरवाइजर और अन्य अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे। आरोप है कि विकास खंड अजमतगढ़ में कार्यरत कर्मचारी संतोष भाष्कर ने ग्राम प्रधान मोहम्मद अजीम, उसके सहयोगी नदीम और अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी पाण्डुलिपि तैयार कर उसे वास्तविक सूची में शामिल करा दिया था।
इस मामले में थाना जीयनपुर में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान रविवार सुबह उपनिरीक्षक दल प्रताप सिंह और पुलिस टीम ने वांछित आरोपी मोहम्मद अजीम पुत्र मोहम्मद नुमान खान निवासी ग्राम अंजान शहीद थाना जीयनपुर को पकवाइनार मोड़ स्थित नंदू की चाय दुकान के पास से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए गलती की माफी मांगी है। आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी जीयनपुर थाने में मारपीट, धमकी और गंभीर आपराधिक धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
