देवल संवाददाता, आजमगढ़। साइबर फ्रॉड के संगठित गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए थाना साइबर क्राइम पुलिस ने एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन और 1600 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए गए अभियान में अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन, अपर पुलिस अधीक्षक यातायात विवेक त्रिपाठी तथा क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम आस्था जायसवाल के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम को यह सफलता मिली।
पुलिस के अनुसार महाराजगंज थाना क्षेत्र के झोटीपुर निवासी नागेंद्र मिश्र के मोबाइल पर जनवरी 2025 में एक व्यक्ति ने खुद को साइबर क्राइम अधिकारी बताकर कॉल किया था। आरोपी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज होने और गिरफ्तारी का डर दिखाकर मामले के निस्तारण के नाम पर पीड़ित से विभिन्न खातों में कुल 34 लाख 87 हजार 998 रुपये जमा करा लिए थे।
इस मामले में थाना साइबर क्राइम में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। विवेचना के दौरान पहले ही कौशिक सरवैया, भगीरथ सिंह जाला और आदिल हुसैन की गिरफ्तारी हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने मामले में प्रकाश में आए आरोपी मो. रियाज उर्फ तन्नू को लखनऊ के हुसैनगंज क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मो. रियाज उर्फ तन्नू पुत्र मो. रईस अहमद निवासी कैन्ट रोड उदयगंज थाना हुसैनगंज जनपद लखनऊ के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए विदेशी साइबर अपराधियों के संपर्क में रहता था। गिरोह साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराता था और रकम निकालने के बाद उसका हिस्सा बांटकर शेष धनराशि यूएसडीटी के माध्यम से विदेश भेज दी जाती थी।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय भेज दिया है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में महिला निरीक्षक विभा पाण्डेय, उपनिरीक्षक रजत सिंह समेत साइबर थाना की टीम शामिल रही।
