देवल संवाददाता, बलिया में मानसून से पहले जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए चल रहे कटहल नाला निर्माण और सुंदरीकरण कार्य की धीमी प्रगति पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) त्रिभुवन ने रविवार को कटहल नाला का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के सहायक अभियंता को चेतावनी जारी की।
निरीक्षण के दौरान सीआरओ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि मानसून से पहले एक किलोमीटर नाले का निर्माण और सफाई कार्य पूरा नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बाढ़ के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि या संपत्ति की क्षति होने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
कार्य में तेजी लाने के लिए सीआरओ ने प्रतिदिन कम से कम 100 कर्मचारियों को लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने दैनिक प्रगति रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने को कहा। मुख्य राजस्व अधिकारी ने यह भी निर्देशित किया कि यदि ठेकेदार द्वारा कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बरती जाती है, तो कार्यदायी संस्था उसके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करे।
प्रशासनिक निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार का रोस्टर बनाकर प्रतिदिन निरीक्षण करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।सीआरओ ने बताया कि कटहल नाला के सुंदरीकरण का कार्य ग्राम महावलपुर रामपुर महावल से लेकर ग्राम प्रबंधापुर तक लगभग दो किलोमीटर क्षेत्र में किया जाएगा। नाले की चौड़ाई लगभग 20 मीटर निर्धारित की गई है। इस परियोजना के लिए परिवहन मंत्री के प्रयासों से लगभग 18 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।
अधिकारियों के अनुसार, कटहल नाला के सुंदरीकरण से जल निकासी व्यवस्था बेहतर होगी और स्वच्छता को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे बलिया जनपद को एक नई पहचान मिलेगी। निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी सदर, अधिशासी अभियंता सिंचाई, सहायक अभियंता सीएनडीएस और अधिशासी अधिकारी बलिया भी उपस्थित थे।
