देवल संवाददाता, गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की उपस्थिति में 50 लाख से अधिक की परियोजना, सांसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना, पूर्वांचल विकास निधि त्वरित/आर्थिक, क्रिटिकल गैप्स, विभिन्न विभागो लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माण किये जा रहे सड़को की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने आवास विकास परिषद निर्माण खण्ड वाराणसी प्रथम, सीएनडीएस जल निगम जौनपुर, उ0प्र0 जल निगम शहरी गाजीपुर, लोक निर्माण विभाग गाजीपुर, ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग उ0प्र0, सिंचाई निर्माण खण्ड वाराणसी, सीएलडीएफ गाजीपुर, यूपी सिडको गाजीपुर, उ0प्र0 प्रोजेक्ट कार्पोरेशन लि0 वाराणसी, उ0प्र0 राजकीय निर्माण निगम लि0 आजमगढ इकाई, राजकीय निर्माण निगम लि0 वाराणसी इकाई-1, राजकीय निर्माण निगम लि0 वाराणसी-2/भदोही, उ0प्र0 राज्य निर्माण सहकारी संघ लि0 वाराणसी-2 (पैकफेड), देवकली पम्प कैनाल प्रखण्ड प्रथम गाजीपुर, लघु डाल नहर खण्ड गाजीपुर एवं उ0प्र0 राज्य सेतु निगम लि0 वाराणसी कार्यदायी संस्थाओ द्वारा कराये जा रहे कार्यो की विस्तारपूर्वक समीक्षा की। समीक्षा के दौरान कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया जितने अधूरे कार्य है समय से पूरा कर लिया जाय, जिन अधिकारियों की डयूटी लगाई गई हे वह प्रत्येक दशा मे 15-15 दिन पर निरीक्षण कर आख्या उपलब्ध करायी जाय। जनपद में विद्युत की समस्या लगातार आ रही जिसपर जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश दिये कि बिल के साथ विद्युत की किसी भी प्रकार की समस्या हो, प्रत्येक दशा में निस्तारण तत्काल करायी जाय, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नही होगी। जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जल निगम नगरी समीक्षा के उपरान्त बैठक में अनुपस्थित होने पर स्पष्टीकरण मांगते हुए वेतन रोकने का निर्देश दिया गया। बैठक में जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य को मानक के अनुरूप एवं गुणवत्तापुर्ण कार्य कराने का निर्देश दिया। जनपद मे निर्माण के अधूरे कार्य जो धनाभाव के कारण रूके है की जानकारी ली तथा उच्चाधिकारी को पत्राचार करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने धनावंटन के बाद भी कम प्रगति वाले कार्याे पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्याे को गुणवत्तापूर्ण एवं मानक के अनुसार निर्धारित समय के अन्दर पूरा करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। उन्होने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्याे में किसी भी स्तर पर लापरवाही को बहुत ही गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित विभाग के अधिकारी उसके लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगंे। जो भी निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके है उसको सम्बन्धित विभागो को हैण्डओवर कराने का निर्देश दिया। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी, परियोजना निदेशक दीनदयाल वर्मा, अर्थ एवं संख्याधिकारी, अन्य जनपदस्तरीय अधिकारी एवं कार्यदायी संस्था के अधिकारी उपस्थित थे ।
बैठक में अनुपस्थित होने पर जल निगम के अधिशासी अभियंता का डीएम ने रोका वेतन
मई 11, 2026
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