ईरान ने सोमवार को 5 खाड़ी देशों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ईरान ने दावा किया कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कतर और जॉर्डन ने 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए हमलों के दौरान अपने क्षेत्रों को ईरान पर हमला करने के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति दी। ईरान ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन बताया है।
5 खाड़ी देशों से हर्जाने के मांग
ईरान के UN राजदूत अमीर सईद इरावानी ने कहा, 'इन देशों ने ईरान पर हमला करने के लिए अपने क्षेत्रों का इस्तेमाल दुश्मन देशों को दिया था। मामले की क्रूरता को देखते हुए ईरान इन पाँचों से क्षतिपूर्ति की मांग करता है।'
जनवरी में संयुक्त अरब अमीरात के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा था कि वह ईरान के खिलाफ किसी भी शत्रुतापूर्ण सैन्य कार्रवाई के लिए अपना हवाई क्षेत्र, भूभाग या क्षेत्रीय जल उपलब्ध नहीं कराएग था। ईरान अब इन देशों पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगा रहा है।
270 अरब डॉलर नुकसान
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच ईरानी सरकारी प्रवक्ता फातिमेह मोहजेरानी ने तसनीम समाचार एजेंसी को बताया कि अमेरिका-इजराइल हमलों से ईरान को हुए नुकसान का प्रारंभिक अनुमान लगभग 270 अरब डॉलर है। उन्होंने कहा, 'यह आंकड़ा अभी अंतिम नहीं है। युद्ध क्षतिपूर्ति हमारे वार्ता एजेंडे का महत्वपूर्ण मुद्दा है।'
ईरान ने खारिज किया प्रस्ताव
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 को भी पूरी तरह खारिज कर दिया, जिसमें खाड़ी देशों पर ईरान के 'भयानक हमलों' की निंदा की गई थी। तेहरान ने इस प्रस्ताव को 'स्पष्ट रूप से अन्यायपूर्ण' और 'कानूनी रूप से अस्थिर' बताया।
प्रस्ताव को रिकॉर्ड 136 सह-प्रायोजकों का समर्थन प्राप्त था, जिसमें बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, यूएई और जॉर्डन के खिलाफ ईरान द्वारा किए जा रहे सभी हमलों को तुरंत बंद करने की मांग की गई थी।
