आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह को पूर्वांचल क्षेत्र में शिक्षा, शोध एवं सामाजिक योगदान के लिए प्रतिष्ठित “माटी सम्मान” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान ओम बिरला द्वारा 31 मार्च 2026 को नई दिल्ली स्थित गांधी दर्शन परिसर राजघाट में आयोजित “माटी-9 पूर्वांचल महोत्सव” के अवसर पर प्रदान किया गया। कार्यक्रम का आयोजन माटी संस्था एवं गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था।
सम्मान प्राप्त कर बुधवार को विश्वविद्यालय पहुंचने पर कुलपति सभागार में एक विशेष स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने कुलपति प्रो. वंदना सिंह का अभिनंदन करते हुए उन्हें इस उपलब्धि के लिए बधाई दी।
अपने संबोधन में प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है और उन्हें और अधिक समर्पण के साथ कार्य करने के लिए उत्साहित करेगा। उन्होंने कहा कि व्यक्ति को जीवन में निष्काम भाव से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए और यही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय पूरे विश्वविद्यालय परिवार को देते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर कुलसचिव केशलाल ने कहा कि यह सम्मान कुलपति के कुशल नेतृत्व, दूरदर्शी सोच और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों का प्रतीक है। वहीं परीक्षा नियंत्रक विनोद कुमार सिंह ने इसे विश्वविद्यालय के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि यह उपलब्धि सभी शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को नई ऊर्जा प्रदान करेगी।
कार्यक्रम में अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रमोद कुमार यादव ने धन्यवाद ज्ञापन किया, जबकि संचालन मनोज मिश्रा ने किया। इस दौरान प्रो. अविनाश पाथर्डीकर, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. देवराज सिंह, प्रो. सौरभ पाल, प्रो. संदीप सिंह, प्रो. प्रदीप कुमार, प्रो. गिरधर मिश्रा, प्रो. विनोद कुमार, प्रो. राम नारायण, डॉ. अमरेंद्र सिंह, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. श्याम कन्हैया सिंह, डॉ. मनीष गुप्ता, डॉ. नीतेश जायसवाल, डॉ. शशिकांत यादव, डॉ. मंगला यादव, डॉ. अनुराग मिश्र, उप कुलसचिव अजीत कुमार सिंह एवं बबीता सिंह सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
यह सम्मान न केवल प्रो. वंदना सिंह के व्यक्तिगत योगदान को रेखांकित करता है, बल्कि पूर्वांचल विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता और सामाजिक प्रतिबद्धता को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाता है।
