देवल, ब्यूरो चीफ,कोन, सोनभद्र। जनपद के नवसृजित विकास खंड कोन क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत संचालित 'हर घर नल' योजना पूरी तरह फ्लॉप साबित हो रही है। वर्षों बीत जाने के बाद भी कई गांवों में पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी, जिससे नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को कुड़वा में जोरदार प्रदर्शन करते हुए जल निगम और कार्यदायी संस्था के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए।
ग्रामीणों का आरोप है कि हर्रा-कदरा ग्राम समूह पेयजल योजना के अंतर्गत कचनरवा, कुड़वा सहित दर्जनों गांवों में न तो समुचित पाइपलाइन बिछाई गई और न ही घरों तक कनेक्शन पहुंच पाया। कई जगहों पर सिर्फ खानापूर्ति कर दी गई, जबकि वर्षों से नलों में एक बूंद पानी नहीं आया। हालात यह हैं कि लोग आज भी नदी-नालों और दूषित पानी पर निर्भर हैं, जिससे फ्लोरोसिस जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार शिकायत और प्रदर्शन के बावजूद न तो विभाग ने ध्यान दिया और न ही कार्यदायी संस्था ने काम पूरा किया। आरोप है कि पाइपलाइन की गुणवत्ता और गहराई मानकों के अनुरूप नहीं है, जिससे योजना धरातल पर विफल हो गई है। समाजसेवी सोमारु यादव के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में ग्रामीणों ने मांग की कि संबंधित संस्था विष्णु प्रकाश आर पुंगलिया लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट किया जाए और पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। ग्राम प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष लक्ष्मी कुमार जायसवाल ने भी आरोप लगाया कि करोड़ों रुपए की लागत से बनी जल टंकी शोपीस बनकर रह गई है और निर्माण कार्य में भारी अनियमितता हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि कचनरवा के असनाबांध वार्ड-3, बागेसोती के सिंगा समेत कई गांवों में वर्षों से जलापूर्ति ठप है। लोग फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है। कई लोगों के बीमार होने की बात भी सामने आई है। वहीं, कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट मैनेजर सुदर्शन विंद ने सफाई देते हुए कहा कि इंटेकवेल पर पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं है और प्रस्ताव स्वीकृति के लिए भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई संभव होगी। ट्रांसफार्मर हटाए जाने के सवाल पर उन्होंने बताया कि क्षमता कम होने के कारण उसे हटाया गया है और जल्द नया ट्रांसफार्मर लगाया जाएगा। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर शुद्ध पेयजल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा दोषी अधिकारियों व संस्था के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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