विष्णु और शिव का अभेद रूप दर्शाता है हरिहरात्मक यज्ञ: शुभम दास जी महाराज
आजमगढ़। दुर्वासा धाम पर 25 से 31 मई तक आयोजित श्री हरिहरात्मक यज्ञ का सोमवार को भव्य कलश यात्रा से शुभारंभ हुआ। यज्ञकर्ता श्री श्री 108 श्री शुभमदास जी महाराज के नेतृत्व में निकली कलश यात्रा में शामिल हजारों श्रद्धालुओं के मुखारविंद से ऋषि दुर्वासा, मौनी बाबा व देवी देवताओं के जयकारे और हर-हर महादेव के उद्घोष से संपूर्ण क्षेत्र भक्तिमय हो गया। कलश यात्रा में हाथी, घोड़ा, नगाड़ा के साथ साधु संत, हजारों कन्याएं, महिलाएं, श्रद्धालुजन मौनी बाबा आश्रम से चलकर दुर्वासा ग्राम की परिक्रमा करते हुए तमसा - मंजूषा संगम पर पहुंचे, जहां पूजन करने के उपरांत जल लेकर यज्ञ स्थल पर आये।
यज्ञाचार्य पं. हरिकेश चौबे एवं अन्य विद्वान ब्राह्मणों ने वैदिक रीति से कलश पूजन संपन्न कराया। इस अवसर पर मौनी बाबा आश्रम के महंत शुभम दास जी महाराज ने कहा कि यज्ञ से जनमानस का कल्याण होता है। हरिहरात्मक यज्ञ की महत्ता का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि विष्णु और शिव का अभेद रूप दर्शाता है हरिहरात्मक यज्ञ, यह इस सनातन सत्य का प्रतीक है कि विष्णु और शिव दोनों एक ही परम ब्रह्म के दो रूप हैं , इस यज्ञ से कई जन्मों के पापों का अंत होता है, जीवन की विपत्तियों का नाश होता है और आध्यात्मिक विकास होता है। हरिहरात्मक यज्ञ इतना शक्तिशाली है कि यह जीवन के सभी दुखों को मिटा देता है और जीवन में आश्चर्यजनक परिणाम देता है। कार्यक्रम के बारे मे जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि प्रतिदिन सायं मानस चातकी बैदेही सुरभि व अन्य विद्वानों का प्रवचन होगा एवं दिन में हवन-पूजन होगा।
कलश यात्रा में संत सेवा संगठन के अध्यक्ष पंडित सुभाष चंद्र तिवारी कुंदन, दैवज्ञ दुर्वासा मंडल मुन्ना बाबा, अंकित महाराज, दुर्वेश्वरानंद महाराज, राम मिलन सिंह, संतोष सिंह, डॉ. अशोक सिंह, लक्ष्मण दुबे, बाल मुकुंद सिंह, राम आसरे सिंह, हरिद्वार सिंह, प्रफुल्ल सिंह, राधेश्याम दुबे , जितेन्द्र सिंह सहित हजारों की संख्या में भक्तगण शामिल रहे।
