देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु एवं सुखदेव के शहादत दिवस पर तियरा कलां में आयोजित भव्य कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र को देशभक्ति और क्रांतिकारी ऊर्जा से सराबोर कर दिया। लता देवी वात्सल्य एवं जन सेवा सहयोग समिति के तत्वावधान में आयोजित इस समारोह का यह 40वां वर्ष रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ आयोजक अरुण पांडेय के नेतृत्व में शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इंकलाब जिंदाबाद और भारत माता की जय के नारों से वातावरण देर रात तक गूंजता रहा। इस दौरान नर्वदेश्वर स्मृति पुरस्कार का वितरण भी किया गया और स्वर्गीय नर्वदेश्वर देव पांडेय को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इसके बाद शुरू हुआ कवि सम्मेलन, जिसने रात को विचारों की क्रांति में बदल दिया। मंच पर आए कवियों ने ओजस्वी, मार्मिक और जनपक्षधर रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कवयित्री कौशल्या चौहान ने देशभक्ति से ओतप्रोत पंक्तियों से जोश भर दिया, वहीं जौनपुर की सारिका श्रीवास्तव ने जीवन की विडंबनाओं को स्वर देकर श्रोताओं को भावुक कर दिया। डॉ. सीमा सिंह ने राष्ट्र समर्पण की भावना प्रस्तुत की, तो कमलेश खांबे ने शहीदों के साहस को याद कर माहौल को वीर रस से भर दिया। नवोदित कवि अर्पित शुक्ला और ओम प्रकाश त्रिपाठी ने अपनी ओजपूर्ण रचनाओं से तालियों की गूंज बटोरी। दिलीप सिंह की प्रस्तुति ने भी श्रोताओं को बांधे रखा, जबकि शायर विवेक चतुर्वेदी ने समकालीन रिश्तों की सच्चाई को बयां कर खूब वाहवाही लूटी। कार्यक्रम का संचालन अशोक तिवारी ने अपने प्रभावशाली अंदाज में किया।
इंकलाब के नारों से गूंजा तियरा कलां, देर रात तक चला ऐतिहासिक कवि सम्मेलन
मार्च 24, 2026
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