"जब तक हमारी माटी का स्वाभिमान नहीं जगेगा, तब तक नवनिर्माण का सपना पूरा नहीं होगा
देवल संवाददाता, आजमगढ़ । 23 मार्च (शहीद दिवस) के पावन अवसर पर हम अपनी माटी की विरासत को सहेजने और क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य के संकल्प के साथ पूर्वांचल नवनिर्माण का ऐतिहासिक आयोजन करने जा रहे हैं।
इसी कड़ी में आयोजित पूर्वांचल स्वाभिमान महादंगल जहाँ हमारी वीरता और कुश्ती की परंपरा का प्रदर्शन हुआ वहीं पूर्वांचल नवनिर्माण अभियान के माध्यम से हम क्षेत्र के विकास, रोजगार और शिक्षा के नए संकल्पों की हुंकार भरी।
शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान को नमन किया। शहीद दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए जैसे सुप्रसिद्ध लोकगायक (बिरहा) विजय यादव के द्वारा शहीदों को लोकगायन के माध्यम से याद कर श्रद्धांजलि दी लोक गायक ने संवाददाताओ से बातचीत में आयोजन को सराहा पूर्वांचल के विकास के लिए सभी पूर्वांचल वासियों से एकजुटता की बात की इस अवसर पर जनपद व आस पास के हज़ारों लोगों के साथ साथ गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति रही ने दंगल में आए सभी अतिथियों ने प्रतिभागियों से उनका परिचय प्राप्त कर उन्हें शुभकामनाएं दी विजेता व उपविजेताओं को आयोजकों व समिति द्वारा मालार्पण अंगवस्त्र नगद पुरस्कार दिया गया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार एवं समरसता विचार मंच के अध्यक्ष आज़ाद ने कहा देश के प्रत्येक नागरिकों से शहीदी दिवस पर अमर बलिदानियों के बलिदान को यादकर उनके बलिदान से सिख लेने की बात कही।
पूर्वांचल के माटी के शेरों, तैयार हो जाओ! यह केवल पटखनी का खेल नहीं, हमारे हक और नवनिर्माण का शंखनाद है। आइए, अखाड़े की मिट्टी माथे पर लगाइए और पूर्वांचल के सुनहरे भविष्य का संकल्प लीजिए।आपकी उपस्थिति हमारे युवाओं और खिलाड़ियों के उत्साह को दोगुना करेगी। पूर्वांचल के गौरव और स्वाभिमान की इस लड़ाई में आपकी सहभागिता अनिवार्य है।

