आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। तिलकधारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जौनपुर में “मेरा युवा भारत” एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के संयुक्त तत्वावधान में “मेरा भारत मेरी जिम्मेदारी” अभियान के अंतर्गत शहीद दिवस पर एक भव्य एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
शहीद दिवस के उपलक्ष्य में एक विशाल पदयात्रा (रैली) का आयोजन किया गया, जिसे प्राचार्य प्रो.(डॉ.) रामआसरे सिंह जी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई ऐतिहासिक जेसीज चौराहे से गुजरकर पुनः महाविद्यालय परिसर में संपन्न हुई। इस दौरान “वंदे मातरम्”, “भारत माता की जय” और “शहीदों का बलिदान, याद रखेगा हिंदुस्तान” जैसे गगनभेदी नारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों एवं राहगीरों ने भी उत्साहपूर्वक इस अभियान का समर्थन किया। स्वयंसेवकों ने जन-जन को देश की एकता, अखंडता एवं सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें इस राष्ट्रनिर्माण की पहल से जुड़ने का आह्वान किया।
शहीद दिवस के उपलक्ष्य में, तिलकधारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय जौनपुर के ऐतिहासिक बलरामपुर सभागार में कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत गरिमामय वातावरण में हुआ।मुख्य अतिथि कर्नल पुष्पेंद्र सिंह एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. रामआसरे सिंह ने अमर शहीद भगत सिंह, सुखदेव एवं राजगुरु के चित्रों पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही विद्या की देवी माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर ज्ञान एवं सद्बुद्धि की कामना की गई। इस पावन क्षण ने पूरे आयोजन को देशभक्ति एवं आध्यात्मिकता की भावना से ओत-प्रोत कर दिया।
इस अवसर पर प्रोफेसर हिमांशु सिंह मुख्य अनुशाष्ता, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रो. विजय सिंह, वर्तमान अध्यक्ष प्रो. राहुल सिंह, मेरा युवा भारत के संयोजक श्री विशाल सिंह, सहायक श्री शुभम शर्मा सहित राष्ट्रीय सेवा योजना के सभी कार्यक्रम अधिकारी एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवियों द्वारा शहीद दिवस विषय पर कविता,गीत-संगीत एवम् भाषण प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रथम तीन स्थान प्राप्त विद्यार्थियों को मुख्य अतिथि एवं प्राचार्य द्वारा मेडल एवं प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
अपने अत्यंत ओजस्वी उद्बोधन में प्राचार्य प्रो. (डॉ.) रामआसरे सिंह ने कहा कि भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का बलिदान मात्र इतिहास नहीं, बल्कि राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का मार्गदर्शक है। उन्होंने युवाओं को जोश के साथ प्रेरित करते हुए कहा कि यदि सच्ची श्रद्धांजलि देनी है, तो हर विचार और हर कर्म में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना होगा।उन्होंने दृढ़ता से संदेश दिया—“जो व्यवहार हमें अपने लिए स्वीकार्य नहीं, उसे दूसरों के साथ कभी न करें।”
प्राचार्य जी ने आह्वान किया कि देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए समर्पित होकर कार्य करना ही शहीदों के सपनों का भारत बनाने की दिशा में हमारा सच्चा योगदान होगा। उनके प्रभावशाली शब्दों ने समस्त उपस्थित जनसमूह में देशभक्ति, आत्मसम्मान और कर्तव्यनिष्ठा का जोश भर दिया।
वहीं मुख्य अतिथि कर्नल पुष्पेंद्र सिंह ने अपने ओजस्वी संबोधन से युवाओं में जोश एवं आत्मविश्वास का संचार करते हुए कहा कि लक्ष्य के प्रति समर्पण, धैर्य एवं निरंतर प्रयास ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता, यदि उसे दृढ़ निश्चय और मेहनत के साथ प्राप्त करने का प्रयास किया जाए।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. विजयलक्ष्मी द्वारा किया गया। अंत में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. आशारानी ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस आयोजन को सफल बनाने में डॉ. बालमुकुंद सेठ डॉ. राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, डॉ. अनुराग चौधरी, डॉ. प्रशांत कुमार एवं डॉ. विजयलक्ष्मी सिंह सहित सभी कार्यक्रम अधिकारियों का सराहनीय योगदान रहा।
सम्पूर्ण कार्यक्रम देशभक्ति, अनुशासन एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना से परिपूर्ण रहा। इस आयोजन ने न केवल विद्यार्थियों को प्रेरित किया, बल्कि पूरे शहर में राष्ट्रप्रेम एवं कर्तव्यबोध की एक नई चेतना जागृत करते हुए “मेरा भारत मेरी जिम्मेदारी” के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का सार्थक प्रयास किया।
इस दौरान श्री चंद्र प्रकाश गिरी,श्री विक्रम सिंह,श्री सुरेश कुमार तिवारी एवं श्री ओमप्रकाश पाल एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
