कृष्ण, देवल ब्यूरो, अंबेडकर नगर ।माननीय मुख्यमंत्री जी की प्रेरणा से जनपद अम्बेडकरनगर के विकास खण्ड कटेहरी स्थित महात्मा श्रवण कुमार की निर्वाण स्थली श्रवण धाम में आयोजित तीन दिवसीय श्रवण धाम महोत्सव–2026 के तीसरे दिवस दिनांक 20 जनवरी 2026 (मंगलवार) को श्रद्धा, सांस्कृतिक चेतना एवं जनभागीदारी का अद्भुत संगम देखने को मिला।
तीसरे दिवस का शुभारंभ प्रातः 08:00 बजे “रन फॉर कल्चर” (हाफ मैराथन) से हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं, खिलाड़ियों, छात्र–छात्राओं एवं आम नागरिकों ने सहभागिता कर भारतीय संस्कृति, विरासत एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। आज यह मैराथन श्रवण धाम से शिव बाबा से श्रवण धाम (10 किमी) मार्ग पर मैराथन का आयोजन किया गया, वहीं समूहिक श्री हनुमान चालीसा एवं सुंदरकांड पाठ ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
महोत्सव के दौरान आयोजित श्रमिक, कामगार एवं युवा सम्मेलन/श्रम कानून जागरूकता गोष्ठी में विभिन्न विभागों द्वारा योजनाओं की सफलता की कहानियाँ प्रस्तुत की गईं। इस अवसर पर कौशल एवं प्रशिक्षु युवाओं द्वारा नाट्य मंचन, उद्योग विभाग द्वारा युवा कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित नाट्य प्रस्तुति, श्रम विभाग, सेवायोजन विभाग, पॉलिटेक्निक एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा विभागीय योजनाओं से संबंधित जागरूकता कार्यक्रमों का प्रभावी प्रस्तुतीकरण किया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में सूचना एवं संस्कृति विभाग के कलाकारों द्वारा मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिनमें धीरेन्द्र पांडेय द्वारा कथक नृत्य, कुमकुम यादव द्वारा अवधी लोक नृत्य, छविलाल पॉल द्वारा बिरहा गायन तथा अर्चना तिवारी एवं सौरभ शुक्ला सहित अन्य कलाकारों की प्रस्तुतियाँ विशेष रूप से सराही गईं। साथ ही बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के विभिन्न विद्यालयों के छात्र–छात्राओं ने भी रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ देकर दर्शकों का मन मोह लिया।
सायंकाल डमरू दल (वाराणसी) द्वारा आयोजित भव्य तमसा आरती एवं आतिशबाजी ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर सदस्य विधान परिषद हरिओम पांडे, जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला, पुलिस अधीक्षक अभिजित आर शंकर, मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ज्योत्सना बंधु, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), परियोजना अधिकारी डीआरडीए, जिला विकास अधिकारी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं जनसामान्य उपस्थित रहे।
श्रवण धाम महोत्सव–2026 का अंतिम दिवस सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक गौरव, जनजागरूकता एवं आध्यात्मिक चेतना का सशक्त उदाहरण बनकर जनमानस के हृदय में अमिट छाप छोड़ रहा है।