संजय लीला भंसाली की फिल्म हीरामंडी सुर्खियों में बनी है। मूवी रिलीज से ज्यादा दूर नहीं है ऐसे में मेकर्स ने इसका प्रमोशन शुरू कर दिया है। संजय लीला भंसाली ने हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अपने आलीशान सेट के बारे में विस्तार से बताया। हीरामंडी फिल्म के सेट को बनाने के पीछे 700 कारीगरों की मेहनत है।संजय लीला भंसाली (Sanjay Leela Bhansali) की 'हीरामंडी: द डायमंड बाजार' की रिलीज का बेसब्री से इंतजार किया जा रहा है। इस मल्टी स्टारर फिल्म में लाहौर के शाही मोहल्ला 'हीरामंडी' के तवायफों की कहानी दिखाई जाएगी। इस वेब सीरीज से संजय लीला भंसाली ओटीटी में डेब्यू भी करेंगे।संजय लीला भंसाली अपने यूनिक क्राफ्ट के लिए जाने जाते हैं। वह अपनी कहानियों में किसी भी दर्द को इस तरह दिखाते हैं कि देखने वाले तारीफ किए बिना नहीं रह पाते। फिल्म रिलीज के करीब है। ऐसे में स्टार्स और मेकर्स ने इसका प्रमोशन शुरू कर दिया है। आर्किटेक्चरल डायजेस्ट इंडिया को दिए इंटरव्यू में संजय लीला भंसाली ने सेट का छोटा सा टूर विजिट कराया है। उन्होंने बताया कि उन्हें शुरू से बड़े सेट पसंद थे। 'हीरामंडी' का सेट भी उसी सोच से बनाया गया।फिल्म में मुगलों की पेंटिंग, ब्रिटिश ऑफिसर्स के पोर्टरेट, विंटेज स्टाइल विंडो फ्रेम्स जैसी चीजों का इस्तेमाल किया गया है। यह फिल्म की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए है। मगर किस सीन में कौन सी चीज का यूज होगा, इस पर भंसाली ने बारीकी से काम किया। बारीकी से नक्काशी किए गए लकड़ी के दरवाजे और यहां तक कि झूमर भी भंसाली की देखरेख में बने हैं।फिल्म में इस्तेमाल किए गए फर्निचर अहमदाबाद से खरीदे गए। मूवी में इस्तेमाल किए गए कुछ सोफे और टेबल्स को खुद भंसाली ने अपने कलेक्शन के लिए खरीदा है।हीरामंडी' के सेट को बनाने में सात महीने का वक्त लगा। लगभग 60,000 लकड़ी के तख्तों और धातु के फ्रेमों पर सेट बनाने के लिए 700 कारीगरों ने मुंबई की फिल्म सिटी में काम किया। यह सेट 3 एकड़ में फैला है।