मऊ में डीएम प्रवीण मिश्र की अध्यक्षता में जिला स्तरीय विद्युत समिति की बैठक जनप्रतिनिधियों के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक के दौरान अधीक्षण अभियंता राकेश कुमार ने बताया कि जनपद में 33/11 KV के 49 उपकेन्द्र है, जिसकी स्थापित क्षमता 540 MPA है। इससे जिले में लगभग 39 लाख उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति की जा रही है।नगर निगम विकास योजना के अंतर्गत आवंटित 25 करोड़ की धनराशि से 1 नंबर 33/11 के वी 2×15 मेगावाट उपकेंद्र नरईबांध का निर्माण किया जाएगा। जिसका ऊर्जा मंत्री द्वारा शिलान्यास कर दिया गया है। यहां बिजनेस प्लान के अंतर्गत आवंटित 36 करोड़ की धनराशि एवं आरडीएसएस योजना के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्य चल रहे हैं। इसके अलावा 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र की क्षमता वृद्धि 16, 33 के वी के नए फीडर 05, 11 केवी के नए फीडर 32, नए डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर 162, पुराने स्थापित डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर की क्षमतावृद्धि 636, फॉल्ट लोकेटर मशीन 01, मोबाइल ट्राली ट्रांसफार्मर 13 इसके अलावा उन्होंने बताया कि आरडीएसएस योजना के अंतर्गत 1925 किमी जर्जर तार को केवल से बदला जाना है, जिसमें 765.67 किमी कार्य किया जा चुका है।सांसद प्रतिनिधि गोपाल राय द्वारा शिकायत की गई कि विद्युत विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा टेलीफोन करने पर बात नहीं की जाती है। सुजीत सिंह ब्लाक प्रमुख घोसी ने बताया कि विद्युत कर्मचारियों द्वारा ग्राम सभाओं में कराये जा रहे कार्यों की जानकारी किसी जनप्रतिनिधि को नहीं दी जाती है। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि विद्युत कर्मचारियों द्वारा बिजली जांच के दौरान मनमाने तरीके से धन की मांग की जा रही है।डीएम ने जनप्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से लेते हुए अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिया कि बिजली से संबंधित समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर कराएं।इस बैठक के दौरान सांसद प्रतिनिधि गोपाल राय, एमएलसी प्रतिनिधि शशि कुमार सिंह, विधायक प्रतिनिधि सुजीत कुमार सिंह, विधायक प्रतिनिधि योगेश राम एवं एमएलसी यशवंत सिंह के प्रतिनिधि सहित संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रह