नेपाल, फ्रांस और ब्राजील के बाद अब बेल्जियम में भी जेन जी सड़कों पर नजर आ रहे हैं और सरकार के खिलाफ कई मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।
शिक्षा व्यवस्था में कमी को लेकर प्रदर्शन
बेल्जियम में जेनजी ने शिक्षा बजट में कटौती, भीड़भाड़ वाली कक्षाओं और शिक्षकों की कमी जैसे मुद्दों पर देश भर में प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आंदोलन में करीब 30 हजार छात्र शामिल हैं।
बेल्जियम के फ्रांसीसी भाषी समुदाय में विश्वविद्यालय की फीस बढ़ाने के प्रस्ताव ने भी छात्रों की नाराजगी बढ़ाई है। प्रस्तावित बदलावों के तहत फीस 835 यूरो से बढ़ाकर 1,194 यूरो करने की बात सामने आई।
प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा को अधिकार बताते हुए इसे विशेषाधिकार तक सीमित करने का विरोध किया। बेल्जियम में छात्रों ने अपने आंदोलन को स्थानीय शिक्षा सुधारों से जुड़ा बताया है।
सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान
प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने पुलिस पर पत्थर और दूसरी चीजें फेंकीं, छात्रों ने कई जगह पर आगजनी की और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इस बीच प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। पुलिस ने भीड़ को हटाने के लिए पानी की बौछार की और आंसू गैस के गोले छोड़े।
पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया
पुलिस ने 21 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें 13 नाबालिग हैं। आंदोलन लीज शहर से शुरू हुआ था, जो अब राजधानी ब्रसेल्स तक पहुंच गया है। छात्रों के प्रदर्शन के चलते देशभर में सैकड़ों स्कूल बंद हो गए हैं।
