देवल संवाददाता, बूढ़नपुर, आजमगढ़। बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र में अर्नब तूफान का असर देखने को मिला। गुरुवार को तेज हवाओं के साथ दोपहर एक बजे से शाम चार बजे तक लगातार बारिश होती रही। अचानक बदले मौसम ने जहां लोगों के रोजमर्रा के कामकाज पर असर डाला, वहीं खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल को भी नुकसान पहुंचाया। तेज हवाओं और बारिश के कारण कई स्थानों पर धान की फसल खेतों में गिर गई, जिससे किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं।
किसानों की मेहनत पर मौसम की मार
किसानों के लिए धान की फसल केवल उपज नहीं, बल्कि महीनों की मेहनत और परिवार की उम्मीदों का सहारा होती है। खेतों में दिन-रात पसीना बहाकर तैयार की गई फसल पर मौसम की मार पड़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। धान की फसल गिरने से उसकी कटाई और उपज की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में किसानों को आर्थिक नुकसान का डर सता रहा है।
बारिश से जनजीवन भी प्रभावित
तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के कारण लोगों को अपने दैनिक कार्यों में परेशानियों का सामना करना पड़ा। अचानक मौसम खराब होने से बाजारों और सड़कों पर भी लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। वहीं, किसान अब मौसम साफ होने और अपनी फसल को बचाने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
मुआवजे और नुकसान के आकलन की उम्मीद
मौसम की मार झेल रहे किसानों के सामने अब अपनी फसल को बचाने की चुनौती है। किसानों के हित में जरूरी है कि संबंधित विभाग खेतों में हुए नुकसान का जायजा लें और प्रभावित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाएं।
कुल मिलाकर, बूढ़नपुर क्षेत्र में हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में लहलहाती धान की फसल पर मौसम की मार ने एक बार फिर खेती को प्रकृति के भरोसे होने की हकीकत सामने ला दी है।
