देवल संवाददाता, मऊ। जनगणना के द्वितीय चरण को सकुशल एवं समयबद्ध ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने कल देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में जनगणना निदेशालय से जनपद के लिए नामित अधिकारी कन्हैया जी ने द्वितीय चरण की तैयारियों एवं निर्धारित कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी।नामित अधिकारी ने बताया कि जनगणना का द्वितीय चरण 01 दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक संपन्न कराया जाएगा। इसके उपरांत 05 जनवरी से 09 जनवरी 2027 तक पुनरीक्षण कार्यक्रम आयोजित होगा। वहीं स्व-गणना का कार्य 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक किया जाना है। उन्होंने बताया कि 05 से 14 अक्टूबर तक सभी 82 फील्ड ट्रेनरों का प्रशिक्षण पूर्ण कराया जाना है। इसके साथ ही 18 अक्टूबर तक प्रत्येक चार्ज स्तर पर प्रगणक एवं सुपरवाइजरों की नियुक्ति कर नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे तथा नवंबर के प्रथम सप्ताह तक सभी प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण पूर्ण कराया जाना है।उन्होंने बताया कि जनगणना के प्रथम चरण में मकान गणना एवं सूचीकरण का कार्य किया गया था,जबकि द्वितीय चरण में व्यक्तियों की गणना की जाएगी। इसके अतिरिक्त 04 जनवरी की मध्य रात्रि तक बेघर व्यक्तियों की गणना भी की जाएगी। द्वितीय चरण में प्रत्येक व्यक्ति से कुल 40 प्रश्न पूछे जाएंगे। जाति संबंधी प्रश्न के लिए किसी भी प्रकार के दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होगी और न ही किसी व्यक्ति से दस्तावेज की मांग की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को जनगणना निदेशालय द्वारा जारी बुकलेट का गहन अध्ययन कर सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों एवं चार्ज ऑफिसर्स को प्राथमिकता के आधार पर जनगणना से संबंधित सभी कार्य समय से पूर्ण कराने को कहा।जिलाधिकारी ने बेहतर रणनीति तैयार कर प्रत्येक कार्य की समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों की ड्यूटी जनगणना के प्रथम चरण में लगी थी, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर द्वितीय चरण में भी लगाया जाए। प्रथम चरण में मकान गणना एवं सूचीकरण का अनुभव होने के कारण ऐसे कार्मिक द्वितीय चरण के कार्यों को अधिक सुगमता से संपन्न करा सकेंगे।
जिलाधिकारी ने सभी चार्ज ऑफिसर्स को जनगणना पोर्टल से संबंधित समस्त प्रक्रियाओं को भली-भांति समझने तथा पोर्टल पर प्रतिदिन दर्ज किए जा रहे आंकड़ों की स्वयं भी जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी आंकड़े शुद्ध एवं सही ढंग से दर्ज किए जाएं,जिससे जनगणना के आंकड़ों में किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे। साथ ही प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों की समय से नियुक्ति एवं प्रभावी प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जनगणना निदेशालय से नामित अधिकारी को संबंधित अधिकारियों से निरंतर समन्वय स्थापित करते हुए सभी तैयारियां समय से पूर्ण कराने को कहा। साथ ही किसी भी स्तर पर समस्या आने पर तत्काल नामित अधिकारी से संपर्क कर उसका समाधान कराने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार,समस्त उप जिलाधिकारी एवं चार्ज ऑफिसर्स सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
