देवल, ब्यूरो चीफ,करमा/सोनभद्र करमा में चल रही रामलीला में सोमवार को रामजन्म की लीला का हुआ मंचन राक्षसों के अत्याचार के भार से घबराई पृथ्वी इन्द्रादि देवताओं से मिलती है अपनी ब्यथा सुनाती है सारे देवतागण पृथ्वी सहित ब्रह्म देव व देवों के देव महादेव के पास जाते हैं सभी देवता श्री हरि भगवान विष्णु का स्मरण करते हैं आकाशवाणी होती है कि मै स्वयं अंशों सहित पृथ्वी पर अवतरित हूंगा राक्षसों का संघार कर पृथ्वी का भार मिटाउगा आकाश वाणी सुन सभी देव अपने धाम चले जाते हैं इधर अयोध्या नरेश महाराज दशरथ चिन्ता ब्यक्त करते हैं कि चौथापन आ गया अभी तक कोई पूत्र उत्पन्न नही हुआ गुरु वशिष्ठ के पास जाते हैं उनके मार्ग दर्शन में श्रृगी श्रृषि के पास जाते पुत्रेष्टि यज्ञ करायी जाती जिससे चार पुत्र की प्राप्ति होती है राम भरत लक्ष्मण शत्रुध्न राज्य में सोहर बधाई गीत होते हैं नामकरण शिक्षा दीक्षा ग्रहण करते हैं जिसका संजीव मंचन पात्रों द्वारा किया गया।
