यूक्रेन की नौसेना ने गुरुवार को बताया कि उसने रूस के वोरोनिश क्षेत्र में बोरिसोक्लेब्स्क एयरफील्ड पर रात भर चले हमले में रूस के छह Su-34M सैन्य विमानों को तबाह कर दिया है। इस बीच, दोनों पक्षों की ओर से ऊर्जा बुनियादी ढांचे और जहाजों पर हमले जारी रहे।
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, टेलीग्राम पर जारी एक बयान में बताया गया कि नौसेना ने इस हमले में उसने अपने नेपच्यून तटीय मिसाइल सिस्टम का इस्तेमाल किया। क्षेत्रीय गवर्नर पावेल माल्कोव ने बताया कि इससे पहले दिन में रूस के रियाजान क्षेत्र में यूक्रेन के एक ड्रोन हमले के कारण वहां की एक तेल रिफाइनरी में आग लग गई।
हमले में हुए नुकसान का किया जा रहा आकलन
माल्कोव ने कहा कि हमले से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आपातकालीन सेवाएं मौके पर काम कर रही हैं। उन्होंने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा, "नुकसान का आकलन किया जा रहा है। आपातकालीन सेवाएं मौके पर काम कर रही हैं।" उन्होंने आगे बताया कि क्षेत्र में एक अन्य जगह पर स्थित एक गोदाम को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि उन्होंने इस बारे में कोई और जानकारी नहीं दी।
रूस की प्रमुख तेल कंपनी रोसनेफ्ट के स्वामित्व वाली रियाजान रिफाइनरी मॉस्को को ईंधन की आपूर्ति करती है और यह रूस की कुल तेल-शोधन क्षमता का लगभग 5% हिस्सा है। हाल के महीनों में इस रिफाइनरी को कई बार ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया है।
ये कैसा सीजफायर?
माल्कोव ने पहले बताया था कि बड़े पैमाने पर हुए ड्रोन हमलों के कारण दो जिलों के स्कूलों और किंडरगार्टन में कक्षाएं रद कर दी गई हैं। रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने घोषणा की थी कि रूस और यूक्रेन ऊर्जा क्षेत्र में संघर्ष विराम (सीजफायर) के लिए सहमत हो गए हैं। हालांकि, किसी भी पक्ष ने इस संघर्ष विराम की पुष्टि नहीं की है।
