देवल संवाददाता, बूढनपुर तहसील क्षेत्र विकासखंड अहरौला के मेहदवारा गांव में नाली निर्माण नहीं होने के कारण जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के रास्तों और घरों के दरवाजों पर करीब तीन फीट तक पानी जमा है। जलभराव के चलते तीन मकान गिर चुके हैं, जबकि कई अन्य मकानों के भी प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
इस संबंध में उत्तर प्रदेश किसान सभा के जिला अध्यक्ष त्रिलोकी नाथ एवं ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी बूढ़नपुर को शिकायती पत्र देकर समस्या के तत्काल समाधान की मांग की है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि मेहदवारा गांव में नाली निर्माण को लेकर करीब एक वर्ष से विवाद चल रहा है। पूर्व एसडीएम नायब तहसीलदार अहरौला एवं पूर्व तहसीलदार द्वारा मौके का निरीक्षण भी किया जा चुका है। नाली निर्माण के लिए आश्वासन दिए जाने के बाद भी कार्य नहीं हो सका।
ग्रामीणों के मुताबिक, नाली निर्माण का विरोध करने वालों के खिलाफ अहरौला थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। उनका आरोप है कि ग्राम प्रधान की कथित लापरवाही के चलते नाली का निर्माण अब तक अधूरा है, जिससे पूरे गांव में करीब तीन फीट पानी भर गया है। जलभराव के कारण दो-तीन मकान गिरने की बात भी शिकायती पत्र में कही गई है। ग्रामीणों को संक्रामक बीमारियां फैलने की भी चिंता सता रही है।
शिकायती पत्र के माध्यम से मांग की गई है कि एक सप्ताह के भीतर मेहदवारा गांव में नाली निर्माण सुनिश्चित कराया जाए। साथ ही खंड विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान और थाना अध्यक्ष अहरौला को आवश्यक निर्देश देकर पर्याप्त पुलिस बल की मौजूदगी में नाली निर्माण कराने तथा उप पुलिस अधीक्षक को पुलिस बल उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित करने की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से जलभराव की समस्या का शीघ्र समाधान कर गांव को राहत दिलाने की मांग की है। वही किसान सभा के जिला अध्यक्ष त्रिलोकीनाथ ने चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि हमारी समस्या का हल नहीं हुआ था हम तहसील परिसर में आत्मदाह करने को मजबूर होंगे
