देवल संवाददाता, आजमगढ़। आजमगढ़ विकास प्राधिकरण की 24वीं बोर्ड बैठक बुधवार को मंडलायुक्त विवेक की अध्यक्षता में उनके कार्यालय सभागार में आयोजित हुई। बैठक में प्राधिकरण के वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्तावित आय-व्यय बजट समेत कुल छह प्रस्ताव अनुमोदन के लिए रखे गए। चर्चा के बाद मंडलायुक्त ने बजट को मंजूरी प्रदान करते हुए विभिन्न प्रस्तावों पर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नये शहर प्रोत्साहन योजना के तहत तहसील सदर के राजस्व ग्राम कोटिला में प्रस्तावित आवासीय टाउनशिप के लिए चिन्हित भूमि को आपसी समझौते के आधार पर क्रय किए जाने के प्रस्ताव पर भी विस्तार से चर्चा हुई। यहां ‘तमसा गार्डेन एन्क्लेव’ के नाम से आवासीय टाउनशिप विकसित की जानी है।
भूमि क्रय के मुद्दे पर मंडलायुक्त विवेक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में सरकारी भूमि के एवज में किसी व्यक्ति को भुगतान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया में विशेष सावधानी बरतने को कहा। साथ ही उपजिलाधिकारी की जिम्मेदारी तय करने और एसडीएम व तहसीलदार से इस संबंध में प्रमाण पत्र प्राप्त करने के निर्देश दिए, ताकि सरकारी भूमि के संबंध में किसी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
35,762.38 लाख रुपये की राजस्व आय प्रस्तावित
विकास प्राधिकरण के वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में राजस्व आय के तहत मानचित्र शुल्क, उप विभाजन शुल्क, शमन शुल्क और विकास शुल्क आदि से 500 लाख रुपये की आय प्रस्तावित की गई है। संपत्ति के नामांतरण एवं परिवर्तन शुल्क, स्टांप ड्यूटी तथा लेबर सेस आदि से 20 लाख रुपये की आय का अनुमान लगाया गया है।
इसके अलावा अन्य आय के अंतर्गत निविदा एवं पंजीकरण, महायोजना पुस्तिका की बिक्री, कांट्रेक्ट एवं सप्लायर पंजीकरण, एफएआईआर क्रय आदि मदों से 35,042.38 लाख रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। इस प्रकार कुल राजस्व आय 35,762.38 लाख रुपये प्रस्तावित की गई।
वहीं व्यय बजट में वेतन, भत्ता, मानदेय एवं ऋण वापसी आदि पर 152.25 लाख रुपये, प्रशासनिक मदों में 63.65 लाख रुपये, सोशल एक्टिविटी में 260 लाख रुपये तथा मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नये शहर प्रोत्साहन योजना, महायोजना कार्य, बैंक चार्ज आदि अन्य मदों में 35,093.48 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। कुल राजस्व व्यय 35,569.38 लाख रुपये प्रस्तावित किया गया। बजट पर गहन विचार-विमर्श के बाद मंडलायुक्त ने इसे अनुमोदित कर दिया।
सड़क की जमीन पर कब्जा करने वालों पर होगी कार्रवाई
बैठक में बोर्ड के मनोनीत सदस्यों ने आजमगढ़-बिलरियागंज मार्ग पर कुछ नर्सिंग होम संचालकों द्वारा सड़क की जमीन पर अस्थायी कब्जा कर उसे साइकिल स्टैंड के रूप में इस्तेमाल किए जाने का मुद्दा उठाया। सदस्यों ने बताया कि इससे सड़क पर आवागमन प्रभावित होने के साथ आम लोगों को काफी परेशानी होती है।
मंडलायुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर आयुक्त-प्रशासन और मुख्य राजस्व अधिकारी को तत्काल मौके का निरीक्षण कर सड़क की जमीन को अतिक्रमणमुक्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने दोनों अधिकारियों को प्रतिमाह ऐसी सड़कों का नियमित निरीक्षण करने और अतिक्रमण पाए जाने पर कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा।
अवैध निर्माण नहीं रुका तो दर्ज होगी एफआईआर
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने विकास प्राधिकरण के अवर अभियंताओं को गत वर्ष जारी शासनादेश का भलीभांति अध्ययन कर उसी के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी अवैध निर्माण को रोकने के आदेश के बाद भी निर्माण जारी रखा जाता है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई जाए।
डीएम ने मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नये शहर प्रोत्साहन योजना के तहत आवासीय टाउनशिप विकसित करने के लिए पहले ही अवमुक्त हो चुकी धनराशि का तत्काल उपयोग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि योजना के कार्यों को गति मिल सके।
बैठक में अपर आयुक्त-प्रशासन प्रमोद कुमार पाण्डेय, मुख्य राजस्व अधिकारी एवं विकास प्राधिकरण के सचिव संजीव ओझा, अपर निदेशक कोषागार एवं पेंशन जगनारायण झा, मुख्य कोषाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग महाबीर सिंह, बोर्ड के मनोनीत सदस्य प्रेम प्रकाश राय, प्रेमनारायण पाण्डेय, श्यामनारायण सिंह समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
