श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ बुधवार को उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में दिसानायके ने भारत को आश्वस्त किया है कि श्रीलंका की जमीन का इस्तेमाल कभी भी भारत के सुरक्षा हितों के खिलाफ नहीं होने दिया जाएगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तीन दिवसीय कोलंबो यात्रा के दौरान दोनों देशो्ं ने अपने समुद्री और सामिरक संबंधों को गहरा करने के लिए तीन महत्वपूर्ण रक्षा समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
रक्षा सहयोग और L70 का अधुनिकीकरण
भारतीय रक्षा मंत्रालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, दोनों देशों के बीच हुए समझौतों में श्रीलंका वायु सेना द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली भारत निर्मित L70 एयर-डिफेंस गन को अपग्रेड करने का करार शामिल है।
भारत सरकार की वित्तीय सहायता के तहत कुछ छह L70 एयर-डिफेंस गन को आधुनिक बनाया जाएगा, जिससे श्रीलंका के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की हवाई सुरक्षा व्यवस्था काफी मजबूत होगी।
इसके अलावा, भारत और श्रीलंका के नेशनल डिफेंस कॉलेज के बीच अकादमिक सहयोग और दोनों देशों के नेशनल कैडेट कोर (NCC) के बीच यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम को औपचारिक रूप देने के लिए दो अलग-अलग समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
चीनी प्रभाव और क्षेत्रीय सुरक्षा की चिंताएं
हिंद महासागर क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव और कर्ज के जाल को लेकर भारत लंबे समय से सतर्क रहा है। 2017 में कर्ज न चुका पाने की स्थिति में श्रीलंका को अपना रणनीतिक हंबनटोटा बंदरगाह और उसके आसपास की 15,000 एकड़ जमीन 99 साल की लीज पर चीन को सौंपनी पड़ी थी।
ऐसे परिदृश्य में, श्रीलंका के नए नेतृत्व द्वारा भारत की सुरक्षा चिंताओं को प्राथमिकता देने का आश्वासन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ऑपरेशन सागर बंधु और बेली पुलों का उद्घाटन
बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने भारतीय सेना द्वारा श्रीलंका में निर्मित तीन बेली पुलों का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन किया। राष्ट्रपति दिसानायके ने हाल ही में आए चक्रवात डिटवाह के बाद भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सागर बंधु और व्यापक पुनर्वास पैकेज के तहत दी गई समयबद्ध सहायता के लिए भारत का आभार व्यक्त किया।
वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि एक करीबी पड़ोसी और जिम्मेदार समुद्री साझेदार के रूप में भारत और श्रीलंका अपने लोगों के विकास, भलाई और पूरे क्षेत्र की शांति, सुरक्षा व समृद्धि के लिए मिलकर काम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।
