देवल संवाददाता, आजमगढ़। सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अनियमितता के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी के निर्देश पर ग्राम पंचायत समेंदा, विकासखंड सठियांव, तहसील सदर के उचित दर विक्रेता हवलदार यादव के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जांच में सरकारी राशन के स्टॉक में भारी कमी मिलने के साथ ही कई कार्डधारकों ने अंगूठा लगवाने के बाद भी राशन नहीं देने और निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न देने की शिकायत की।
प्राप्त शिकायत के आधार पर जिलाधिकारी के निर्देश पर पूर्ति विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। ग्राम पंचायत के पंचायत भवन में मुख्य शिकायतकर्ता की मौजूदगी में 110 कार्डधारकों के बयान दर्ज किए गए। मुख्य शिकायतकर्ता ने भी अपना लिखित बयान जांच टीम को दिया।
इसके बाद टीम ने उचित दर दुकान का निरीक्षण किया। मौके पर दुकान बंद मिली। वहां मौजूद विक्रेता के पुत्र ने बताया कि उचित दर विक्रेता इलाज के लिए आजमगढ़ शहर गए हैं। जांच के दौरान स्टॉक रजिस्टर भी प्रस्तुत नहीं किया गया। टीम ने गोदाम का ताला खुलवाकर खाद्यान्न का भौतिक सत्यापन किया तो दोनों कमरों में गेहूं, चावल और चीनी का एक भी स्टॉक नहीं मिला। गोदाम में केवल कुछ खाली प्लास्टिक और जूट के बोरे पाए गए।
ऑनलाइन पीडीएस रिपोर्ट और मौके पर किए गए भौतिक सत्यापन के मिलान में स्टॉक में 93.41 कुंतल गेहूं, 327.22 कुंतल चावल और 1.38 कुंतल चीनी की कमी पाई गई। यानी गेहूं और चावल मिलाकर कुल 420.63 कुंतल खाद्यान्न का स्टॉक कम मिला।
जांच के दौरान कार्डधारकों के बयान में भी वितरण में गंभीर अनियमितता सामने आई। 23 कार्डधारकों ने बताया कि उनसे अंगूठा लगवाने के बावजूद खाद्यान्न उपलब्ध नहीं कराया गया। वहीं 25 कार्डधारकों ने निर्धारित मात्रा से कम राशन दिए जाने की जानकारी दी। जांच में उचित दर दुकान पर विभागीय सूचनाओं का निर्धारित तरीके से प्रदर्शन नहीं किए जाने और स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध नहीं कराने की बात भी सामने आई।
जांच आख्या में खाद्यान्न के स्टॉक और वितरण में अनियमितता के आरोप सही पाए गए। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जांच रिपोर्ट संस्तुति के साथ जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की गई। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद उचित दर विक्रेता हवलदार यादव के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई। इसके साथ ही उनके उचित दर विक्रेता अनुबंध के संबंध में भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में अनियमितता, कालाबाजारी अथवा पात्र कार्डधारकों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न नहीं देने के मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी। पात्र लाभार्थियों को निर्धारित खाद्यान्न पारदर्शी और नियमानुसार उपलब्ध कराने के लिए विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है।
