देवल संवाददाता, उत्तर प्रदेश के राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन प्रो. हिमांशु शेखर झा की अध्यक्षता में मंगलवार को बलिया के विकास भवन सभागार में मोबाइल कोर्ट लगी। इस दौरान दिव्यांगजनों की समस्याओं को सुना गया और उनके त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। राज्य आयुक्त ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को ईएनटी विशेषज्ञ की व्यवस्था करने और 'बेरा मशीन' खरीदने का विशेष निर्देश दिया।
राज्य आयुक्त ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 के तहत मिलने वाले अधिकारों और सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु के दिव्यांग बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, शैक्षणिक संस्थानों और रोजगार में आरक्षण सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चल रही हैं। मोबाइल कोर्ट का उद्देश्य भारत सरकार की मंशा के अनुरूप दिव्यांगजनों की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।
सीएमओ को लंबित दिव्यांगता प्रमाण पत्रों के निस्तारण के लिए विशेष शिविर लगाने तथा पात्र व्यक्तियों को एक माह के भीतर प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए। राज्य आयुक्त ने सीएमओ को अन्य जनपद से ईएनटी विशेषज्ञ चिकित्सक की व्यवस्था करने और शीघ्र 'बेरा मशीन' खरीदने का भी निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, पांच वर्ष से अधिक समय से मेडिकल बोर्ड में तैनात डॉक्टरों को हटाने और अस्थायी मेडिकल सर्टिफिकेट जारी नहीं करने के भी निर्देश दिए गए।
मोबाइल कोर्ट के दौरान कुल 198 लोगों का पंजीकरण किया गया, जबकि पांच दिव्यांगजनों का मेडिकल परीक्षण कराया गया और छह मामलों को अन्य जनपदों के लिए रेफर किया गया। आवास, राशन कार्ड और शौचालय जैसी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। कई दिव्यांगजनों ने ट्राइसाइकिल और व्हीलचेयर न मिलने की शिकायत की, जिस पर जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी को पात्र लाभार्थियों को शीघ्र ये सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी पारस नाथ यादव ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी। इस कार्यक्रम में सीडीओ आलोक कुमार, सीएमओ अभय कुमार राय, आरटीओ अरुण कुमार राय सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
