देवल संवाददाता,स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत परखने निकले मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) डॉ. अभय नारायण राय ने गुरुवार को संयुक्त राजकीय चिकित्सालय सोनबरसा और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सोनबरसा का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान बिना सूचना ड्यूटी से गायब मिले तीन चिकित्साधिकारियों समेत पांच कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई। सभी का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भी भेजी गई है।
अचानक पहुंचे CMO, अस्पताल में मचा हड़कंप
गुरुवार को सोनबरसा पहुंचे सीएमओ के औचक निरीक्षण से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं, चिकित्सकों की उपस्थिति, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और साफ-सफाई व्यवस्था का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान कई खामियां मिलने पर सीएमओ ने नाराजगी जताई। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को व्यवस्थाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए।
अनुपस्थित डॉक्टरों पर कार्रवाई, वेतन कटौती के निर्देश
निरीक्षण में बिना किसी सूचना के अनुपस्थित पाए गए चिकित्सकों और कर्मचारियों पर सीएमओ ने सख्त रुख अपनाया। जिन चिकित्साधिकारियों का एक दिन का वेतन काटा गया है, उनमें डॉ. अभिषेक सिंह, डॉ. संजीव कुमार और डॉ. प्रियंका राय शामिल हैं।
इसके अलावा ऑपरेशन थिएटर में तैनात एक कर्मचारी और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी खुशबू सिंह पर भी कार्रवाई की गई है। सीएमओ ने स्पष्ट किया कि ड्यूटी में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अस्पताल की बदहाली पर अधीक्षक को लगाई फटकार
सीएमओ डॉ. अभय नारायण राय ने निरीक्षण के दौरान अस्पताल में मिली अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई। उन्होंने इसके लिए अधीक्षक डॉ. विमल कुमार को जिम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की कमी जरूर है, लेकिन उपलब्ध संसाधनों और स्टाफ से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दी जानी चाहिए। उन्होंने पिछली बार के निरीक्षण की तुलना में स्थिति खराब मिलने पर चिंता भी व्यक्त की।
17 पद स्वीकृत, पांच चिकित्सक कार्यालय से संबद्ध
अस्पताल में चिकित्साधिकारियों के कुल 17 पद स्वीकृत हैं। इनमें से पांच चिकित्साधिकारियों को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से संबद्ध किया गया है, जबकि एक चिकित्साधिकारी स्नातकोत्तर की पढ़ाई के लिए अवकाश पर हैं।
सीएमओ ने मौजूद चिकित्सकों को मरीजों का बेहतर उपचार करने और पूरी जिम्मेदारी के साथ अपनी सेवाएं देने के निर्देश दिए।
19 CHO सेंटर में 10 बंद, ग्रामीणों ने उठाई समस्या
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने सीएमओ से स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी एक अन्य समस्या भी बताई। ग्रामीणों ने शिकायत की कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुरली छपरा के अंतर्गत कुल 19 सीएचओ सेंटर स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से केवल नौ केंद्र ही संचालित हो रहे हैं। वहीं, 10 सेंटरों पर ताला लटका हुआ है।
सीएमओ ने ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मरीजों को बेहतर इलाज देने के दिए निर्देश
निरीक्षण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा के अधीक्षक डॉ. सुमन मिश्रा, महिला चिकित्साधिकारी डॉ. साल्टी कसेरा, डॉ. रोहन गुप्त और डॉ. दीपक कुमार सिंह मौजूद रहे।
सीएमओ ने सभी चिकित्सकों को निर्देश दिया कि अस्पताल आने वाले मरीजों का बेहतर इलाज किया जाए और स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले मरीजों को समय पर उपचार और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
