देवल संवाददाता, मऊ -कमसागर / बरसी निधियाव: कहा जाता है कि जहाँ सच्ची श्रद्धा और अटूट आस्था हो, वहाँ हर संकट का समाधान स्वतः निकल आता है। कमसागर ग्राम पंचायत में कुछ ऐसा ही प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। मंदिर में हुई चोरी की दुखद घटना से आहत होने के बावजूद, क्षेत्र के समस्त ग्रामवासियों ने निराशा को पछाड़ते हुए एकजुटता का अभूतपूर्व परिचय दिया। क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व डॉ. श्री सत्य प्रकाश चौबे के विशेष सौजन्य और समस्त ग्रामवासियों के सामूहिक सहयोग से मां के दरबार को एक बार फिर से पूर्ण भव्यता के साथ सजाया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार और आंशिक प्राण-प्रतिष्ठा का अनुष्ठान
कमसागर स्थित माता रानी के मंदिर में एक विशेष और पवित्र धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन हुआ। आचार्य और पंडितों के सानिध्य में मां की विशेष पूजा-अर्चना के साथ आंशिक प्राण-प्रतिष्ठा का विधान पूर्ण किया गया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर वैदिक मंत्रों की गूंज और घंटा-घड़ियालों की ध्वनि से गूंज उठा, जिससे सम्पूर्ण क्षेत्र का वातावरण पूरी तरह अध्यात्ममय हो गया।
भक्ति और उल्लास से सराबोर भव्य शोभायात्रा
मां के नए मुकुट की स्थापना और श्रृंगार के इस पावन अवसर पर कमसागर से लेकर बस्ती बरसी निधियाव तक एक भव्य और ऐतिहासिक शोभायात्रा निकाली गई।
जयकारों की गूंज: यात्रा के दौरान "जय माता दी" और माता के जयकारों से पूरा मार्ग गूंज उठा।
जनसैलाब: इस शोभायात्रा में आसपास के क्षेत्रों से आए सैंकड़ों श्रद्धालु, महिलाएं और युवा श्रद्धा और उत्साह के साथ शामिल हुए।
नयनाभिराम दृश्य: ढोल-नगाड़ों की थाप और पारंपरिक धुनों के बीच निकली इस यात्रा का जगह-जगह स्वागत किया गया।
मां के मस्तक पर सुशोभित हुआ नया मुकुट
शोभायात्रा के मंदिर पहुंचने पर विधि-विधान के साथ माता रानी के चरणों में मुकुट अर्पित किया गया। जब मां के मस्तक पर यह नया मुकुट विराजमान किया गया, तो उसकी अलौकिक और दिव्य छटा देखते ही बन रही थी। मां का यह नया रूप देखकर वहां उपस्थित हर भक्त की आँखें श्रद्धा से नम हो गईं।
सूरज चौबे के सराहनीय प्रयास और आभार
इस नेक कार्य की शुरुआत सबसे पहले आवाज उठाकर करने और इसे पूर्णता तक पहुँचाने के लिए समस्त ग्रामवासियों, क्षेत्रवासियों एवं जिले के गणमान्य लोगों द्वारा सूरज चौबे को विशेष बधाइयां और शुभकामनाएं दी गईं। सभी ने उनके इस साहसिक और निष्ठावान प्रयास की मुक्तकंठ से सराहना की। इस पर सूरज चौबे द्वारा सभी का हार्दिक आभार प्रकट किया गया और इसे माता रानी की कृपा व सभी का सामूहिक आशीर्वाद बताया गया।
समर्पित युवाओं और नागरिकों का विशेष योगदान
इस पूरे धार्मिक आयोजन और भव्य शोभायात्रा को सफल बनाने में कमसागर के कई जागरूक और समर्पित युवाओं व नागरिकों ने अपनी अहम भूमिका निभाई। इस आयोजन को सफल बनाने में पीयूष कांत चौबे, रविकांत चौबे, अमित मिश्रा, सूरज चौबे, प्रशांत चौबे, ध्रुव चौबे, अमरीश मिश्रा और उदय कुमार (कल्लू भैया) का विशेष एवं सराहनीय योगदान रहा।
इसके साथ ही, इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में समस्त कमसागर वासियों एवं दूर-दराज से पधारे अन्य श्रद्धालुओं का भी अभूतपूर्व और विशेष सहयोग रहा, जिनके सम्मिलित प्रयासों से यह धार्मिक अनुष्ठान ऐतिहासिक बन सका।
ग्रामवासियों ने एक स्वर में कहा कि चोरी की घटना से गांव को जो आघात पहुंचा था, उसे सभी ने मिलकर अपनी एकता और मां के प्रति अगाध प्रेम से दूर कर दिया है। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया है कि जब भक्त और भगवान का रिश्ता अटूट हो, तो कोई भी संकट टिक नहीं सकता।
