औचक निरीक्षण में कई समितियां बंद मिलीं, किसानों को समय पर डीएपी उपलब्ध कराने के निर्देश
देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। खरीफ सीजन में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने सख्त रुख अपनाया है। डीएपी और यूरिया वितरण में अनियमितताओं की शिकायतों के बाद जिले की सहकारी समितियों का औचक निरीक्षण कराया गया, जिसमें लापरवाही मिलने पर छह समितियों के सचिवों के वेतन भुगतान पर अग्रिम आदेश तक रोक लगा दी गई।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद स्तरीय अधिकारियों, अपर जिलाधिकारियों और उपजिलाधिकारियों ने विभिन्न सहकारी समितियों का निरीक्षण कर उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान रामगढ़ बी-पैक्स (कोन) में खाद वितरण में अनियमितता पाई गई, जबकि अरौली, म्योरपुर, चोपन और कुरहर बी-पैक्स सहित कुल छह समितियां बंद मिलीं। इन समितियों पर किसानों को डीएपी उर्वरक का वितरण नहीं किया जा रहा था। लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित छह समितियों के सचिवों के वेतन भुगतान पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि किसानों को डीएपी एवं यूरिया का वितरण पूरी पारदर्शिता और निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उर्वरक वितरण में किसी भी प्रकार की शिथिलता, अनियमितता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से सहकारी समितियों का निरीक्षण करने और खरीफ सीजन में किसानों को बिना किसी असुविधा के समयबद्ध तरीके से खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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