देवल संवाददाता, मऊ। जनपद में बाढ़ एवं तट कटान से प्रभावित क्षेत्रों को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने आज सरयू नदी के दायें तट पर स्थित ग्राम परसिया देवार एवं धर्मपुर विशुनपुर के मध्य प्रस्तावित तट कटान निरोधक परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परियोजना से जुड़े सभी तकनीकी एवं प्रशासनिक पहलुओं की विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जिलाधिकारी को परियोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि परियोजना की कुल स्वीकृत लागत ₹566.16 लाख है तथा लागत अनुपात 2.28:1 निर्धारित किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2025 में सरयू नदी ने लगभग 3.00 किलोमीटर लंबाई एवं लगभग 125 मीटर चौड़ाई में दायें तट की ओर तीव्र कटान करते हुए बढ़ रही है,जिससे नदी का प्रवाह आबादी की ओर बढ़ता जा रहा है। यदि समय रहते प्रभावी सुरक्षात्मक कार्य नहीं किए गए तो आसपास के गांवों एवं कृषि भूमि पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ एवं कटान प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि परियोजना के प्रत्येक चरण का क्रियान्वयन निर्धारित मानकों के अनुरूप, गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि परियोजना का मुख्य उद्देश्य सरयू नदी की धारा को सुचारु रूप से प्रवाहित करते हुए तट को सुरक्षित बनाना,नदी के दायें तट को स्थायित्व प्रदान करना तथा आसपास के गांवों,कृषि भूमि एवं पक्के मकानों को कटान से बचाना है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना से दो गांव प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित होंगे तथा लगभग 8400 की आबादी को सुरक्षा प्राप्त होगी। इसके अतिरिक्त लगभग 1275 हेक्टेयर क्षेत्रफल भी कटान के खतरे से सुरक्षित होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि यह परियोजना केवल तट संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीणों की आजीविका,कृषि उत्पादन एवं जनसंपत्ति की सुरक्षा से भी सीधे जुड़ी हुई है। इसलिए कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत लगभग 1500 मीटर लंबाई में सरयू नदी के दायें तट के बैंक की 3:1 स्लोप के अनुसार संरचना विकसित की जाएगी। इसके अतिरिक्त 1500 मीटर लंबाई में स्टोन बोल्डर से लॉन्चिंग एप्रन एवं प्लेटफॉर्म का निर्माण कराया जाएगा,जिससे तट की मजबूती सुनिश्चित हो सके।
परियोजना के अंतर्गत 1500 मीटर लंबाई में छह पंक्तियों में परक्यूपाइन संरचनाएं स्थापित की जाएंगी,जिससे नदी की धारा नियंत्रित होगी तथा कटान की गति में प्रभावी कमी आएगी।जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि कार्य प्रारंभ होने से पूर्व सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय से पूर्ण कर ली जाएं तथा निर्माण सामग्री की गुणवत्ता की नियमित जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन किया जाए तथा प्रत्येक चरण की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि परियोजना की दैनिक प्रगति की समीक्षा करते हुए किसी भी प्रकार की तकनीकी अथवा प्रशासनिक बाधा का तत्काल समाधान कराया जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ से पूर्व परियोजना के महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए,ताकि स्थानीय आबादी को अधिकतम सुरक्षा प्रदान की जा सके। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्थानीय ग्रामीणों से भी बातचीत की तथा उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुना। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्रशासन उनकी सुरक्षा एवं जनहित के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा कटान रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।निरीक्षण के दौरान संबंधित विभाग के अभियंता एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
