चौराहे पर वर्षों से जमे स्थायी अतिक्रमणकारी काट रहे मलाई, रोजी-रोटी कमाने वालों पर हो रही कार्रवाई
देवल, ब्यूरो चीफ,सोनभद्र। जिला मुख्यालय के प्रमुख शहर सोनभद्र नगर में गुरुवार को अतिक्रमण हटाओ अभियान एक बार फिर सवालों के घेरे में रहा। जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर पालिका और सदर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने सड़क पटरी पर ठेला-खोमचा लगाकर परिवार का पेट पालने वाले छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई की, जबकि नगर के सबसे व्यस्त चौक पर वर्षों से जमे स्थायी अतिक्रमण पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद लोगों में यह चर्चा तेज हो गई कि आखिर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का पैमाना क्या है। नगरवासियों का कहना है कि यदि अभियान वास्तव में निष्पक्ष है तो पहले उन स्थायी अतिक्रमणों पर कार्रवाई होनी चाहिए, जिन्होंने लंबे समय से सार्वजनिक स्थानों पर कब्जा कर रखा है। इसके विपरीत रोज कमाने-खाने वाले गरीब ठेला और खोमचा संचालकों को हटाकर उनके रोजगार पर चोट पहुंचाई जा रही है। उधर इस कार्रवाई के दौरान कई छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। नगरवासियों का कहना है कि यदि प्रशासन अतिक्रमण हटाने के अभियान को प्रभावी और पारदर्शी बनाना चाहता है तो उसे रसूखदार और स्थायी अतिक्रमणकारियों पर भी समान रूप से कार्रवाई करनी होगी। फिलहाल गुरुवार की कार्रवाई को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं हैं और प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। उधर इस बावत नगर पालिका प्रशासन के अधिशासी अधिकारी मुकेश कुमार के सेलफोन पर काल कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका काल नहीं लगा। लिहाजा उनका पक्ष नहीं लिया जा सका।
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