देवल, ब्यूरो चीफ,शक्तिनगर, सोनभद्र। म्योरपुर विकास खंड के परसवार राजा और खड़िया गांव के बीच स्थित नाला कूड़ा-कचरे से पूरी तरह पट जाने के कारण क्षेत्र में गंभीर स्वच्छता संकट खड़ा हो गया है। नाले से उठ रही तेज दुर्गंध के चलते आसपास के लोगों का जीना दूभर हो गया है, वहीं बरसात के मौसम में संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। ग्रामीणों ने एनटीपीसी एवं एनसीएल प्रबंधन से तत्काल नाले की सफाई और सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि लगभग 50 वर्ष पुराने इस नाले में घरों का गंदा पानी, शौचालयों का अपशिष्ट तथा बाजार और बस्ती का कूड़ा-कचरा लगातार डाला जा रहा है। इससे नाला पूरी तरह जाम हो चुका है। बरसात में पानी रुकने से कचरा सड़ने लगता है और आसपास के क्षेत्र में असहनीय दुर्गंध फैल जाती है। मच्छरों का प्रकोप भी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीण लालजी प्रसाद, जया देवी, सुनीता साहू, मोहन, दिव्यम, पिंकी, गुलाबी, संगीता देवी, सीमा देवी और राजन भारती सहित अन्य लोगों ने बताया कि कई बार ग्राम प्रधान और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से एनटीपीसी एवं एनसीएल प्रबंधन को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया। उनका आरोप है कि कभी-कभार औपचारिक सफाई कर केवल खानापूर्ति कर दी जाती है। ग्राम प्रधान अविनाश कुमार ने बताया कि पंचायत के पास पर्याप्त बजट नहीं होने के कारण नाले की सफाई कराना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार एनसीएल और एनटीपीसी प्रबंधन से सफाई एवं सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग की गई, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना है कि नाला जाम होने से बरसात में गंदा पानी आसपास के घरों तक पहुंच जाता है। साथ ही नाले का दूषित पानी आगे जाकर रिहंद जलाशय में मिलने से पर्यावरण प्रदूषण की आशंका भी बढ़ रही है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नाले की सफाई और स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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