देवल संवाददाता, आजमगढ़, 13 जुलाई। बिलरियागंज बाजार में बिना पंजीकरण संचालित एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद महिला की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया है। अस्पताल संचालक और मामले से जुड़े लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस को तहरीर भी सौंप दी गई है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने बताया कि रौनापार थाना क्षेत्र के शाहडीह गांव निवासी 35 वर्षीय कौशल्या देवी को 12 जुलाई की दोपहर बिलरियागंज बाजार स्थित राहुल नगर में संचालित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार अस्पताल में विनोद मौर्य ने उनका ऑपरेशन किया। देर रात महिला की हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें आजमगढ़ के हायर सेंटर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही सीएमओ के निर्देश पर उप मुख्य चिकित्साधिकारी एवं निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान के नोडल अधिकारी डॉ. आलेन्द कुमार तथा सीएचसी बिलरियागंज के अधीक्षक डॉ. सतीश चन्द की संयुक्त टीम ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। जांच में अस्पताल में कोई योग्य एवं वैध चिकित्सक मौजूद नहीं मिला। अस्पताल का पंजीकरण और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी उपलब्ध नहीं कराए जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल का संचालन पूरी तरह अवैध पाए जाने पर तत्काल उसे सील कर दिया। साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलरियागंज के अधीक्षक और निजी चिकित्सा प्रतिष्ठान के नोडल अधिकारी की ओर से कोतवाली बिलरियागंज में लिखित तहरीर देकर संचालक और संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
सीएमओ डॉ. एन. आर. वर्मा ने कहा कि जिले में बिना पंजीकरण और बिना योग्य चिकित्सकों के संचालित अस्पतालों एवं नर्सिंग होम के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि इलाज या ऑपरेशन कराने से पहले अस्पताल का पंजीकरण और चिकित्सकों की योग्यता अवश्य जांच लें तथा किसी भी अवैध अस्पताल की सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग को दें।
