देवल संवाददाता, आजमगढ़। कोतवाली पुलिस ने ग्रहदोष और धर्म-कर्म का झांसा देकर महिलाओं से सोने-चांदी के आभूषण ठगने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के ₹25 हजार के इनामी सदस्य को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी की गिरफ्तारी से फरवरी में हुई दो चर्चित ठगी की घटनाओं का भी खुलासा हुआ है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक यादवेन्द्र पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर रोडवेज प्राइवेट बस अड्डे से हुसैनू (45 वर्ष) पुत्र नजरूद्दीन, निवासी गूलर भोज, थाना गदरपुर, जनपद ऊधमसिंह नगर (उत्तराखंड) को गिरफ्तार किया।
तलाशी के दौरान उसके पास से 400 रुपये नकद, आभूषण साफ करने वाला केमिकल भरी एक प्लास्टिक की शीशी और विभिन्न रंगों के 10 नग (पत्थर) बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार, 7 फरवरी 2026 को मऊ निवासी आशा ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था कि दो अज्ञात लोगों ने ग्रहदोष दूर करने और पूजा-पाठ के नाम पर झांसे में लेकर उनकी सोने की चेन, अंगूठी और दो हजार रुपये ठग लिए थे। मामले में गिरोह का एक सदस्य लईक उर्फ लकी पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था, जबकि हुसैनू पर ₹25 हजार का इनाम घोषित था।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों सैफ अली खां, इमरान और लईक उर्फ लकी के साथ मिलकर विभिन्न राज्यों में महिलाओं, विशेषकर अधेड़ और बुजुर्ग महिलाओं को ग्रहदोष, पूजा-पाठ और धर्म-कर्म का भय दिखाकर विश्वास में लेता था और उनके आभूषण व नकदी लेकर फरार हो जाता था।
आरोपी ने स्वीकार किया कि 6 और 7 फरवरी 2026 को गिरोह ने आजमगढ़ में बेलइसा सब्जी मंडी और लाइफ लाइन हॉस्पिटल के पास दो महिलाओं को ठगी का शिकार बनाया था। ठगी के बाद गहने बेचकर मिली रकम आपस में बांट ली गई थी। उसके हिस्से में करीब 35 हजार रुपये आए थे, जिनमें अधिकांश खर्च हो चुके हैं।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आजमगढ़ के अलावा सोनभद्र में भी धोखाधड़ी और गैंगस्टर एक्ट सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
