देवल संवाददाता, आजमगढ़। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा ने रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले के दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता, कर्मचारियों की उपस्थिति, साफ-सफाई और बाढ़ के मौसम में संभावित स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही सभी स्वास्थ्य केंद्रों को 24×7 तैयार रखने के निर्देश दिए।
सीएमओ ने देवारा जदीद, शंकरपुर और हरैया ब्लॉक के पीएचसी हैदराबाद का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सर्पदंश, जलजनित और मौसमी बीमारियों का खतरा अधिक रहता है। इसलिए सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर एंटी स्नेक वेनम (एएसवी), ओआरएस, क्लोरीन की गोलियां, ब्लीचिंग पाउडर तथा आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडार हर समय उपलब्ध रहना चाहिए।
निरीक्षण के दौरान पीएचसी हैदराबाद में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध नहीं मिलने पर सीएमओ ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने पूछा कि जब जिला औषधि भंडार में दवा उपलब्ध थी तो समय रहते इसकी मांग क्यों नहीं भेजी गई। इस मामले में तत्काल स्पष्टीकरण तलब करते हुए उन्होंने कहा कि जीवनरक्षक दवाओं की कमी किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
पीएचसी शंकरपुर में विभिन्न कमरों में कबाड़ और अव्यवस्था मिलने पर सीएमओ ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि अनुपयोगी सामग्री को अलग स्टोर में रखा जाए और मरीजों के उपयोग वाले सभी कमरों को व्यवस्थित किया जाए। साथ ही नियमित साफ-सफाई और टूटे दरवाजों सहित अन्य आधारभूत कमियों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए।
कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच के दौरान पीएचसी हैदराबाद में एक वार्ड बॉय अनुपस्थित मिला। इस पर सीएमओ ने संबंधित कर्मचारी से स्पष्टीकरण लेने और नियमानुसार वेतन रोकने के निर्देश दिए।
रविवार को जिले के सभी 76 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों और स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। मेले में 99 चिकित्सकों और 282 पैरामेडिकल कर्मियों की तैनाती रही। कुल 1,599 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें 715 पुरुष, 660 महिलाएं और 224 बच्चे शामिल रहे।
मेले के दौरान 37 आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए गए, जबकि 148 लोगों की कोविड हेल्प डेस्क पर स्क्रीनिंग की गई। इसके अलावा 276 गैस्ट्रो, 260 मधुमेह, 162 त्वचा, 123 श्वसन, 81 उच्च रक्तचाप, 25 यकृत, 13 एनीमिया और 6 टीबी के मरीजों का उपचार किया गया। 74 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच हुई, 89 कुपोषित बच्चों की पहचान की गई और 15 मरीजों को उच्च संस्थान के लिए रेफर किया गया।
सीएमओ डॉ. एन. आर. वर्मा ने सभी प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ और बरसात के मौसम को देखते हुए सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु रूप से संचालित रहें। उन्होंने चेतावनी दी कि दवाओं की कमी, लापरवाही या कर्मचारियों की अनुशासनहीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
