आमिर, देवल ब्यूरो ,जौनपुर। जनपद में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान 'Cy-Vajra' के तहत साइबर क्राइम थाना पुलिस ने संगठित ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साइबर ठगी से अर्जित 92 हजार रुपये नकद, 10 फर्जी आधार कार्ड तथा दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरोह का सरगना पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही फरार हो गया, जिसकी तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुँवर अनुपम सिंह के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) एवं साइबर क्राइम के नोडल अधिकारी आयुष श्रीवास्तव तथा सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर गोल्डी गुप्ता के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम थाना/सेल की टीम ने गुरुवार सुबह करीब 6:10 बजे सिटी रेलवे स्टेशन ओवरब्रिज के नीचे घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को उस समय गिरफ्तार किया, जब वे जनपद छोड़कर भागने की तैयारी में थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गुलशन सोनी, सूरज उपाध्याय और अमन सिंह के रूप में हुई है। पूछताछ में तीनों ने स्वीकार किया कि वे दीपेश उर्फ दीपु द्वारा संचालित साइबर ठगी गिरोह के लिए काम करते थे। पुलिस के अनुसार गिरोह ऑनलाइन ठगी से प्राप्त रकम को विभिन्न लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर कराता था। इसके बाद आरोपी एटीएम के जरिए नकदी निकालकर लगभग 80 प्रतिशत रकम गिरोह के सरगना को सौंप देते थे, जबकि शेष राशि आपस में बांट लेते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह बैंक खाते खुलवाने और अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड तैयार कर उनका इस्तेमाल करता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ऐसे 10 फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं, जिनके आधार पर गिरोह की गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि फरार सरगना दीपेश उर्फ दीपु की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही पूछताछ में सामने आए अन्य संदिग्ध सदस्यों की भी तलाश जारी है, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, ओटीपी, मोबाइल नंबर या पहचान संबंधी दस्तावेज उपयोग के लिए न दें। उन्होंने कहा कि साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर नुकसान को रोका जा सके।
