आमिर, देवल ब्यूरो ,मछलीशहर, जौनपुर। जन्म प्रमाण पत्र जारी होने में लगातार हो रही देरी से नाराज अधिवक्ताओं ने बुधवार को तहसील परिसर में प्रदर्शन कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं का आरोप था कि जन्म प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में आवेदन महीनों से लंबित पड़े हैं, जिससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाद में उपजिलाधिकारी अजय उपाध्याय के हस्तक्षेप और शीघ्र समाधान के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया स्पष्ट न होने के कारण आवेदन पत्रों में बार-बार त्रुटियां बताकर उन्हें वापस किया जा रहा है। कई आवेदकों के आवेदन छह माह से अधिक समय से लंबित हैं, लेकिन अब तक प्रमाण पत्र जारी नहीं हो सका है।
उन्होंने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र नहीं मिलने से बच्चों के स्कूलों में प्रवेश, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने तथा अन्य जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ मामलों में प्रभाव या व्यक्तिगत संपर्क रखने वाले लोगों के आवेदन जल्द निस्तारित कर दिए जाते हैं, जबकि अन्य आवेदकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है।
इसी समस्या को लेकर अधिवक्ता बुधवार दोपहर उपजिलाधिकारी कार्यालय के बाहर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। सूचना मिलने पर एसडीएम अजय उपाध्याय अपने कक्ष से बाहर आए और अधिवक्ताओं से वार्ता की। उन्होंने उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों से लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कराने तथा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और स्पष्ट बनाने का आश्वासन दिया।
एसडीएम के आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही लंबित जन्म प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए और प्रक्रिया में सुधार नहीं हुआ तो वे दोबारा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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